• विश्व वृद्धजन दिवस | International Day for Older Persons

    विश्व वृद्धजन दिवस हमारा जीवन,वृद्धजन प्रदत्त उपहार है सनातनी संस्कृति संस्कार, वृद्धजन सदा परम स्थान । स्नेहिल पावन सानिध्य, दुःख कष्ट तनाव प्रस्थान । अनूप आनुभविक शाला, प्रेरणा ज्ञान पुंज बहार है । हमारा जीवन,वृद्धजन प्रदत्त उपहार है ।। पौराणिक कथा कहानियां, अद्भुत पुरात्तन दृष्टांत । शमित सारे उग्र आवेश, चितवन अनुपम शांत । भूमिका…

  • ओ मेरे बेटे | O Mere Bete

    ओ मेरे बेटे ! ( O mere bete )    कल को जब तुम बड़े हो जाओगे और मैं बूढ़ा हो जाऊंगा तो तुम भी अपनी गृहस्थी बसाओगे और एकदम व्यस्त हो जाओगे तो तुम मुझ पर ध्यान दे पाओगे ना बेटा।   कल को जब लड़खड़ाने लगे मेरे कदम शरीर में मेरे ताकत रहे…

  • बुजुर्ग ठंडी छांव | Buzurg Thandi Chhaon

    बुजुर्ग ठंडी छांव ( Buzurg thandi chhaon )    बगिया को महकाने वाले, प्रेम सुधा बरसाने वाले। घर में रौनक लाने वाले, संस्कार सिखलाने वाले। आओ कर ले उनका वंदन लाड प्यार दुलार जो देते, जीवन को संवार वो देते। कदम कदम पे बने सहारा, खुशियों का उपहार जो देते। आओ कर ले उनका वंदन…

  • सोच में डूबा दिल है | Soch mein Dooba Dil hai

    सोच में डूबा दिल है ( Soch mein dooba dil hai )   सर पर रोज़ खड़ी मुश्किल है हर पल सोच में डूबा दिल है ज़ख्म मिले ऐसे अपनों से दिल रहता हर पल बेदिल है कांटों ने घेरा है ऐसा फूल न उल्फ़त का हासिल है पहरा है इतना दुख का ही हाँ…

  • ऐतिहासिक स्थल किशनगढ़ | Kishangarh

    ऐतिहासिक स्थल किशनगढ़ ( Aitihasik sthal kishangarh )    राजस्थान राज्य का है यह ऐतिहासिक ऐसा शहर, समस्त सुविधाएं मिल जाती है जहां पर हर पहर। ऐतिहासिक एवम धार्मिक स्थल है यहां पर अनेंक, मदनगंज किशनगढ़ नाम से विख्यात है ये शहर।। मार्बल मंडी डंपिंग यार्ड से भी यह शहर है मशहूर, बाॅलीवुड‌ फिल्मों की…

  • भेड़ चाल | Bhed Chaal

    जब किसी भेड़ को नदी पार कराना होता है तो भेड़ी का मालिक एक भेड़ को नदी में फेंक देता है। उसकी देखा देखी सभी भेड़िया नदी में कूदने लगतीं हैं वह यह नहीं देखती हैं कि उससे हमारा हित है या अहित। ऐसा ही कुछ भेड़ चाल हिंदुओं के द्वारा मजार दरगाह आदि की…

  • चांदनी | Chandni

    चांदनी ( Chandni )    पूनम के चांद से सब कतराने लगे अमावस की चांदनी मे नहाने लगे जलने लगी है अब उन्हे सूरज की धूप हैलोजन की फ्लैश मे ही नचाने लगे रंगीन बालों मे ही दिखती है जवानी बूढ़े भी अब तो सिर मे विग लगाने लगे युवतियों के कपड़े उतारने लगे तन…

  • लघुकथा “गेटआऊट ” | Get Out

    उसकी कॉलबेल बजी। एक नहीं , कई बार। बदन पर एक शॉल डाली और वह सशंकित मन गेट की ओर बढ़ी। आख़िर कौन हो सकता है इस ठिठुरते हुए ओले से बूंदा -बांदी के बीच। युवा अनछुए बदन में सिहरन -सी हुई। दरवाजा खुलते ही वह अन्दर सेहन में आ खड़ा हुआ। खूबसूरत, शालीन मगर…

  • जातिवाद की आग | Jativad ki Aag

    जातिवाद की आग  ( Jativad ki aag )    जातिवाद की आग न सुलगाओ यारों, अपनी कौमी एकता न घटाओ यारों। बे- नूर जिंदगी जीने से क्या फायदा? देश की सूरत फिर न बिगाड़ो यारों। नदियों खून बहा तब देश हुआ आजाद, देशभक्ति का ग्राफ न झुकाओ यारों। मनुष्य होना अभी है एक कल्पना, जीते…

  • बदले जमाने इस तरह | Badle Zamane

    बदले जमाने इस तरह ( Badle Zamane is tarah )    जब मुख़ालिफ़ कैफ़ियत बदले ज़माने इस तरह, अब लगे है लोग ताकत आज़माने इस तरह।   इस तसादुम का शबब लग्ज़िश हो या नाराज़गी कुछ मुहज़्ज़ब चल दिए उनको सताने इस तरह।   पर नहीं, यह ताकते परवाज़ ही है लाज़िमी, उड़ रहे ऊंचाइयों…