• अब निद्रा से उठना चाहिए | Ab Nidra se Uthana Chahiye

    अब निद्रा से उठना चाहिए ( Ab nidra se uthana chahiye )   हमको अब गहरी निद्रा से उठ जाना ही चाहिए, बहुत सो लिए साथियों ये देर करनी न चाहिए। ख़ामोश रहकर मन ही मन में घुटना ना चाहिए, शिकायत चाहें किसी से हो छुपानी न चाहिए।। समय अनुसार साथियों सबको बदलना चाहिए, ये…

  • बेहिस सफर | Behis Safar

    बेहिस सफर ( Behis safar )    सफर में बीच ही कहीं ठहर के देखे चलो खुद के करीब कितने कहीं रुक के देखे चलो अदब के साये में कटी है जिन्दगी उनकी बदी के साये में हम भी खिलखिलायें चलो जो दिखे थे अपने वो अजनबी हैं सभी वो जो दम भरते हैं उन्हें…

  • भारत प्यारा | Bharat Pyara

    भारत प्यारा ( Bharat Pyara )    हाँ भारत प्यारा इतना है ? दुनिया में सबसे अच्छा है और न कोई इसके जैसा सुंदर भारत बस लगता है फूलों की होती है बारिश लहराता जब भी झंडा है तारीफ़ करूं कम है इसकी प्यार भरा भारत ऐसा है झंडे को दी सलामी सब ने गाया…

  • ख़ुशी | Laghu Katha Khushi

    एक गाँव में एक फ़ैक्टरी होती है,जिसमें 100 कर्मचारी काम करते हैं। सब खुश थें,पैसे सभी को थोड़े कम मिलते थे‌। फ़ैक्टरी दूर भी थी तब भी वो खुश थे। घर के पास भी फ़ैक्टरी थी वहाँ के मैनेजर बुलाते भी थे कि आपको ज्यादा सैलरी मिलेंगी यहाँ लेकिन वहाँ जाकर काम करने को कोई…

  • शिद्दत | Shiddat

    शिद्दत ( Shiddat )    मजबूरी में दिलों को श्मशान होते देखा है, शिद्दत की चाहतों को गुमनाम होते देखा है, देखा है बड़े गौर से तड़पती हुई निगाहों को, प्रेम में वफा को भी बदनाम होते देखा है। लगे प्रीत जिन नैनों से उन्हें भुलाया नहीं जाता, जिस दिल को हो इश्क उसे समझाया…

  • सफेदी का दर्द | Safedi ka Dard

    सफेदी का दर्द ( Safedi ka dard )    मैंने तो मांगी थी खुशियां मुफ्त की वह भी तेरी दौलत के तले दब गई दौड़ तो सकती थी जिंदगी अपनी भी पर, वह भी अपनों के बीच ही उलझ गई. लगाए थे फूल, सींचे थे बड़े चाव से खिलकर भी महके पर बिक गए भाव…

  • अगर इज़ाज़त हो | Agar Ijazat Ho

    अगर इज़ाज़त हो ( Agar ijazat ho )  जुबाँ को नज़्म बना लूँ अगर इज़ाज़त हो ठहर मैं होश आ लूँ अगर इज़ाज़त हो ॥ चमन ग़लीज़ बड़ा आँधियों ने कर डाला इसे मैं पाक़ बना लूँ अगर इज़ाज़त हो ॥ हमें मिले न अगर मुश्किलें डगर क्या वो? हवा से हाँथ मिला लूँ अगर…

  • श्री लाल बहादुर शास्त्री | Shri Lal Bahadur Shastri

    श्री लाल बहादुर शास्त्री ( Shri Lal Bahadur Shastri )    न भूतो न भविष्यति जिनके लिये कहा जाता । वही जमीन से जुड़ा नेता लाल बहादुर शास्त्री कहलाता । छोटी उम्र में जो किया कोई न कर पाता । वही जमीन से जुड़ा नेता लाल बहादुर शास्त्री कहलाता । पढ़ाई पूरी करने पर मिली…

  • स्वच्छता पखवाड़ा | Swachhta Pakhwada

    स्वच्छता पखवाड़ा ( Swachhta pakhwada )   दरिद्रता मिलकर दूर भगाये चलो हम वतन को स्वच्छ बनायें कोई भी बीमारी घर न करेगी धन वैभव से लक्ष्मी घर को भरेगी घर घर सफाई हम सब करायें चलो हम वतन को स्वच्छ बनायें खुद को बड़ा न दूजे कह पायें हमारे वतन के सभी गुण गायें…

  • मन का महफ़िल | Man ka Mehfil

    मन का महफ़िल  ( Man ka mehfil )    महफिल के वे शब्द “तुम मेरे हो” आज भी याद आते हैं , गीतों के सरगम मन को छू जाते हैं रह-रह कर सताते हैं दिल की धड़कन बढ़ बढ़ जाते हैं वही सजावट बनावट नैनों में छपा चेहरा जिसके लिए मैं देता था पहरा बसती…