अभाव | Abhaav
अभाव ( Abhaav ) अंधेरा न होता तो सवेरा न होता होता न दिन तो रात भी न होती यही तो है सच्चाई भी जीवन की होता सबकुछ तो कुछ भी न होता.. न होती किसी को जरूरत किसी की न किसी को किसी की पहचान होती न होती भूख किसी को न प्यास…
अभाव ( Abhaav ) अंधेरा न होता तो सवेरा न होता होता न दिन तो रात भी न होती यही तो है सच्चाई भी जीवन की होता सबकुछ तो कुछ भी न होता.. न होती किसी को जरूरत किसी की न किसी को किसी की पहचान होती न होती भूख किसी को न प्यास…
दिल में शोले उठे हैं यहां ( Dil mein shole uthe hai yahan ) इश्क में लुट चुके है यहां दिल में शोले उठे हैं यहां घेर ली है ज़मीं कांटों ने फूल कब खिल सके हैं यहां सब फरेबी निकलते हैं लोग सोच से सब परे हैं यहां दौलतें शोहरतें देखकर लोग इज़्ज़त…
चौबीस से पहले ( Chaubis se pahle ) न जाने कितने बनेगे मणीपुर? बंगाल बिहार राजस्थान मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ भी! मेवात नोएडा नूह बनेगे नये समूह… होने जो हैं चुनाव कुछ सूबों और केन्द्र के बचे हैं दिन मुश्किल के तैयारियां तो करनी पड़ेगी ना लड़ाओ बांटो उलझाओ समस्याओं को ना सुलझाओ बढ़ने दो यूँ…
प्यार के गुल खिले है यहाँ ? ( Pyar ke gul khile hai yahan ) प्यार के गुल खिले है यहाँ ? नफ़रत की बू घटे है यहाँ उम्रभर एक लड़की से हम प्यार करते रहे है यहाँ हाथ किससे मिलाऊँ भला दोस्त दुश्मन बने है यहाँ कौन महफूज़ है अब भला देखिये घर…
जवानी का मौसम! ( Jawani ka mausam ) कटेगा सुकूँ से सफर धीरे -धीरे, होगी खबर उसको मगर धीरे-धीरे। मोहब्बत है जग की देखो जरुरत, उगने लगे हैं वो पर धीरे-धीरे। उबलने लगा अब अंदर का पानी, चलाएगी खंजर मगर धीरे-धीरे। आठों पहर मेरे दिल में वो रहती, लड़ेगी नजर वो मगर धीरे-धीरे। जवानी…
यह गोल-गप्पे ( Yah gol-gappe ) गोलगप्पे का नाम सुनकर ये मुॅंह में पानी आ जाता, चाहें राजा हो या रंक मन की कलियां खिल जाता। गली-मौहल्ले चौराहों पर ये आसानी से मिल जाता, अगर घर में कोई लाए तो पटरानी ख़ुश हो जाता।। आटा और मैदा से इसके लिए पूरियां बनाया जाता,…
कम लोग हैं ऐसे ( Kam log hain aise ) ख़ुदा मानें जो उल्फ़त को बहुत कम लोग हैं ऐसे करें जो इस इबादत को बहुत कम लोग हैं ऐसे न हिन्दू कोई ख़तरे में न मुस्लिम को है डर कोई जो समझें इस सियासत को बहुत कम लोग हैं ऐसे शिवाले में जो…
कमाल करते हो ( Kamaal karte ho ) लगाकर चाँद पर दाग कमाल करते हो, बातें बड़ी आजकल बेमिसाल करते हो। बेचैन हो जाता दिल मेरा बातें सुन तुम्हारी, खुद से क्यों नहीं तुम ये सवाल करते हो? यूँ उलझा नहीं करते हर बार ही किसी से, बेवज़ह तुम हर बात पर बवाल करते…
सिर्फ ( Sirf ) मिला सिर्फ दर्द ,और मिले सिर्फ आंसू आपसे लगाकर दिल,कहो हमे क्या मिला मिल गई है मंजिल ,आपकी तो आपकी आपकी यादों के सिवा,कहो हमे क्या मिला कह दिए होते,नही मंजूर यह सिलसिला रेत की तृष्णा के सिवा,कहो हमे क्या मिला सिवा प्यार के कब तुम्हारा,साथ हमने मांगा खामोशी के…