Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Shiv ke Dwar
    गीत

    सावन में चले शिव के द्वार | Shiv ke Dwar

    ByAdmin July 25, 2023

    सावन में चले शिव के द्वार ( Sawan mein chale shiv ke dwar )   अगम अगोचर अविनाशी औघड़ दानी सरकार। महादेव शिव शंकर शंभू जटा बहती गंगा धार। सावन ने चले शिव के द्वार डम डम डमरू वाले बाबा गले सर्प की माला। भस्म रमाए महाकाल शिव तांडव है मतवाला। शशि शेखर ध्यान मग्न…

    Read More सावन में चले शिव के द्वार | Shiv ke DwarContinue

  • Gehun Chhod do
    कविताएँ

    जीना है तो गेहूं छोड़ दो | Gehun Chhod do

    ByAdmin July 24, 2023

    जीना है तो गेहूं छोड़ दो ( Jeena hai to gehun chhod do )    आज से ही सब छोड़ दो यह गेहूं की रोटियां खाना, नहीं तो यारों पहुॅंचा देगा यह सभी को सफाखाना। खा खाकर जिससे सब लोग आज बढ़ा रहें है तोंद, जीना है तो गेहूं छोड़ दो सब मानो हमारा कहना।।…

    Read More जीना है तो गेहूं छोड़ दो | Gehun Chhod doContinue

  • Antar
    कविताएँ

    अंतर | Antar

    ByAdmin July 24, 2023

    अंतर ( Antar )    निर्वस्त्र कपड़ों मे कैसी दिखती होगी वह मांशल जिस्म उभरे वक्षस्थल कामिनी काया लिए हवस परी सी…. ठीक अनुभव किया तुमने वह वैसी ही थी ,ठीक जिसने तुम्हे पैदा किया जिसने तुम्हे राखी बांधी जिसकी डोली उठी घर से ठीक, उस जैसी ही … क्या फर्क लगा , उस और…

    Read More अंतर | AntarContinue

  • Baje Tab Mere Man ke taar
    गीत

    बजे तब मेरे मन के तार | Baje Tab Mere Man ke taar

    ByAdmin July 24, 2023July 27, 2023

    बजे तब मेरे मन के तार ( Baje tab mere man ke taar )     सावन की चली मस्त बहार, रिमझिम आने लगी फुहार। अधर हुई गीतों की बौछार, बजे तब मेरे मन के तार। बजे तब मेरे मन के तार जब कुदरत ने किया श्रंगार, बजी तब मधुबन में झंकार। शिवमय सावन हुआ सार,…

    Read More बजे तब मेरे मन के तार | Baje Tab Mere Man ke taarContinue

  • आज़ाद की बदौलत आज़ाद हम सभी हैं-अजय अनहद
    साहित्यिक गतिविधि

    आज़ाद की बदौलत आज़ाद हम सभी हैं-अजय अनहद

    ByAdmin July 24, 2023

    अमेठी : हिंदी सेवा संस्थान, राष्ट्रीय कवि संगम, प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में श्री शिव प्रताप इंटर कॉलेज अमेठी में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । राजेंद्र शुक्ला अमरेश की अध्यक्षता और आशु कवि मथुरा प्रसाद सिंह…

    Read More आज़ाद की बदौलत आज़ाद हम सभी हैं-अजय अनहदContinue

  • Buniyaad
    कविताएँ

    बुनियाद | Buniyaad

    ByAdmin July 24, 2023

    बुनियाद ( Buniyaad )    पूरी ईमानदारी से केवल तीन प्रश्नों के उत्तर ही खोज लीजिए ,की अब तक आपने क्या खोया क्या पाया आपके समाज और देश ने क्या खोया क्या पाया बस, आपको जीने , जन्मने और पाने का अर्थ मिल जायेगा…. जिंदा रहना ही अगर जिंदगी है तो मान लीजिए की आप…

    Read More बुनियाद | BuniyaadContinue

  • Waqar Bhool Baithe
    ग़ज़ल

    वक़ार भूल बैठे | Waqar Bhool Baithe

    ByAdmin July 24, 2023July 24, 2023

    वक़ार भूल बैठे ( Waqar bhool baithe )   जो मिला था क़ुर्बतों में, वो क़रार भूल बैठे वो ज़रा सी देर में क्यों, मेरा प्यार भूल बैठे लगे हर ख़ुशी पराई, लगे ग़म ही आशना अब यूँ ख़िज़ाँ ने दिल है तोड़ा, कि बहार भूल बैठे मुझे फ़िक्र रोटियों की , ये कहाँ पे…

    Read More वक़ार भूल बैठे | Waqar Bhool BaitheContinue

  • युगों से नारी | Yugon se Nari
    कविताएँ

    युगों से नारी | Yugon se Nari

    ByAdmin July 23, 2023July 23, 2023

    युगों से नारी ( Yugon se nari ) ( मणिपुर में हुई बर्बरता की घटना से मेरा संवेदनशील ह्रदय सिहर उठा है उसी पीड़ा से उत्पन्न हुई मैं यह अपनी कविता आप के समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ )    आज भी भ्रमण कर रही है नारी युगों पुरानी धुरी पर द्रौपदी की भाँति अपनी…

    Read More युगों से नारी | Yugon se NariContinue

  • Subah-O-Shaam
    ग़ज़ल

    बरसे है सुब्हो-शाम | Subah-O-Shaam

    ByAdmin July 23, 2023

    बरसे है सुब्हो-शाम ( Barse hai Subah-O-Shaam )    वो लग रहे हैं मुझको परेशान आजकल आफत में आ गई है मेरी जान आजकल ज़ल्फ़ों से यह हवा की फ़कत गुफ्तगू नहीं बरसे है सुब्हो-शाम का फ़ैज़ान आजकल हैरत है पूछते हैं वही दिल का हालचाल जो दिल की सल्तनत के हैं सुल्तान आजकल यारो…

    Read More बरसे है सुब्हो-शाम | Subah-O-ShaamContinue

  • Hey Kavi
    कविताएँ

    हे कवि | Hey Kavi

    ByAdmin July 23, 2023July 23, 2023

    हे! कवि  ( Hay kavi )      हे कवि! कविता कुछ खास लिखो अंतर्मन का विश्वास लिखो रुक रुक कर कलम चलाओ ना खुल कर अपनी हर बात लिखो   तुम कवि तुमको अधिकार मिला कलमों जैसा हथियार मिला धिक्कार है तेरी कलमों को यदि सच का ना इतिहास लिखा।   श्रृंगार वीरता लिखते…

    Read More हे कवि | Hey KaviContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 419 420 421 422 423 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search