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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Hindi mein kahani
    कहानियां

    मॉर्निंग वॉक बनाम पुष्प | Hindi mein kahani

    ByAdmin September 7, 2022

    मॉर्निंग वॉक बनाम पुष्प आप सोच रहे होंगे मॉर्निंग वॉक का पुष्प से क्या मतलब होता है l होता है जैसे ताजी हवा फूल की सुगंध रीना अपने 6 साल की बेटे के साथ बातें करते करते घूमने जाया करती थी मां का कर्तव्य भी होता है कि बच्चे को अच्छे संस्कार दे l बालक…

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  • Kavita adhar mein aadmi
    कविताएँ

    अधर में आदमी | Kavita adhar mein aadmi

    ByAdmin September 7, 2022

    अधर में आदमी ( Adhar mein aadmi )   अधर आदमी लटक रहा नीचे विषधर फैले हैं। भगवान रखवाला सबका जीवन के झमेले हैं।   जो दिग्गज है जोर उनका वही डोर हिलाते हैं। जो कमजोर पड़ा वक्त पे धराशाई हो जाते हैं।   महंगाई ने कमर तोड़ दी भागमभाग जिंदगी सारी। भ्रष्टाचार ने फन…

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  • Kavita aakhri salaam
    कविताएँ

    वो आखरी सलाम था | Kavita aakhri salaam

    ByAdmin September 6, 2022September 6, 2022

    वो आखरी सलाम था ( Wo aakhri salaam tha )   सीमा से तिरंगे में लिपटा वो अमर सपूत घर आया नैनों से अश्रुधारा बहती सबका कलेजा भर आया जिसके जोश जज्बे का कायल हर दिलवाला था वो देशभक्त मतवाला था वो देशभक्त मतवाला था भारत मां का लाड दुलारा वो राष्ट्रप्रेम पुजारी था बहना…

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  • Ghazal dil besahara
    शेरो-शायरी

    प्यार से दिल बेसहारा हो गया | Ghazal dil besahara

    ByAdmin September 6, 2022September 6, 2022

    प्यार से दिल बेसहारा हो गया ( Pyaar se dil besahara ho gaya )     प्यार से दिल बेसहारा हो गया कल यहां ऐसा इशारा हो गया   हम भला अब  किस तरह आवाज़ दे गैर दिल अब  ये तुम्हारा हो गया   पार  अब होगी   न  दूरी हिज्र की ज़ीस्त भर उससे किनारा…

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  • Geet shikshak ka samman
    कविताएँ

    प्रथम हो शिक्षक का सम्मान | Geet shikshak ka samman

    ByAdmin September 5, 2022

    प्रथम हो शिक्षक का सम्मान ( Pratham ho shikshak ka samman )     गुरु है गुण निधियों की खान प्रथम हो शिक्षक का सम्मान गुरु है ज्ञान का सागर सारा भरा रग रग में स्वाभिमान प्रथम हो शिक्षक का सम्मान   बहाते ज्ञान की अविरल धारा बनाते उज्जवल जीवन सारा गुरु वचनों पे हमें…

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  • Poem sukh aur dukh
    कविताएँ

    सुख और दुःख | Poem sukh aur dukh

    ByAdmin September 5, 2022September 5, 2022

    सुख और दुःख ( Sukh aur dukh)     भेंट हुआ एक दिन सुख दुःख का दुःख ने खबर लिया तब सुख का,   दुःख बोली ओ! प्यारी बहना कितना मुस्किल तुमसे मिलना   रहती कहां?नहीं हो दिखती हर कोई चाहे तुमसे मिलना,   सुख ने दुःख को,गले लगा कर भर मन में मुस्कान,मनोहर,  …

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  • Poem shikshak diwas
    कविताएँ

    शिक्षक दिवस | Poem shikshak diwas

    ByAdmin September 5, 2022

    शिक्षक दिवस ( Shikshak diwas )   गुरु ज्ञान की गंगा पावन अनुभव भरा खजाना है शब्द शब्द अनमोल मोती गुरु श्रीमुख से पाना है   दिव्य प्रज्ञा जोत जलाते सन्मार्ग पर हमें ले जाते आराधक साधक शारदे नव प्रतिभा गढ़ पाते हैं   गुणों भरा सागर सारा गुरु दुनिया का ज्ञान कराते अहंकार मन…

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  • Bhojpuri kavita ho Shalu
    कविताएँ

    हो शालू | Bhojpuri kavita ho Shalu

    ByAdmin September 5, 2022September 5, 2022

    हो शालू! ( Ho Shalu )   झमकावेलू,   आंख देखावेलू   लचकावेलू,   मटकावेलू   धमकावेलू,   महटियावेलू   ना आवेलू,   अंठियावेलू   सुनावेलू,   सतावेलू।   लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर सलेमपुर, छपरा, बिहार । यह भी पढ़ें : मंजूर के दोहे | Manzoor ke dohe

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  • Shikshak diwas par kavita
    कविताएँ

    शिक्षक की अभिलाषा | Shikshak diwas par kavita

    ByAdmin September 5, 2022

    शिक्षक की अभिलाषा ( Shikshak ki abhilasha )   चाह नहीं बी एल ओ बनकर, रोज गांव में टेर लगाऊं। चाह नहीं संकुल बी आर सी, चक्कर कांटू मेल बनाऊं।।   चाह नहीं डाकें भर भर के, बनूं बाबू सा मैं इतराऊं। चाह नहीं मध्यान्ह चखूं और, राशन पानी घर ले जाऊं।।   मुझे छोड़…

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  • Poem on pita
    कविताएँ

    पिता | Poem on pita

    ByAdmin September 4, 2022

    पिता ( Pita )   पिता एक चट्टान होता हैl पिता का साया जब होता हैl बेटा चैन की नींद सोता हैl पिता बच्चों के सपनों को अपनी आंखों में संजोता हैl गंभीर रहता है मगर भावनाओं से भरा होता हैl ख्वाहिशों की फेहरिस्त को पूरा कर ही सोता हैl बेटी की विदाई पर पिता…

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