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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • चांद मुक्तक 
    मुक्तक

    चांद | Chand par muktak

    ByAdmin May 14, 2021December 3, 2022

    चांद मुक्तक  ( Chand Muktak )   चांद तारे बिछा देंगे हम राह में कुछ नया कर दिखा देंगे चाह में आओ मिलों हमसे मुस्कुरा कर गगन छू लेंगे हम आपकी पनाह में   बस जाओ मेरे दिल में, चमका दो किस्मत का तारा। महका दो जीवन की बगिया, खिला दो पुष्प ये प्यारा।  …

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  • उपभोक्ता की समस्या
    कविताएँ

    उपभोक्ता की समस्या | Kavita

    ByAdmin May 14, 2021May 14, 2021

    उपभोक्ता की समस्या ( Upbhokta ki samasya )   उद्योगों के विकास में औद्योगिक क्रांति देश में लाया| औद्योगिक क्रांति ने देश में उत्पादन को बढ़ाया| पर बड़े-बड़े कंपनियों ने ग्राहक को उपभोक्ता बनाया| इस उपभोक्ता को विज्ञापन ने खूब रिझाया| इस विज्ञापन ने बिना जरूरत के सामान को जरूरत बनाया| देश की प्रथम जरूरत…

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  • भोर की नव बेला
    कविताएँ

    भोर की नव बेला || Kavita

    ByAdmin May 14, 2021May 14, 2021

    भोर की नव बेला ( Bhor ki naw bela )   मैं करोना को हराकर बाहर आई हूँ खुद की बहादुरीपर थोडा इतराई हूँ मालूम था सफर बहुत कठिन है फिर भी हिम्मत खूब मन में जुटाई है   खूब पिया पानी खूब भाप भी ली खूब प्राणायाम की लगाई झडी लम्बी साँसे छत पर…

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  • मुखड़ा देखो गुलाब है जिसका
    शेरो-शायरी

    मुखड़ा देखो गुलाब है जिसका | Ghazal Mukhda Dekho

    ByAdmin May 13, 2021February 8, 2023

    मुखड़ा देखो गुलाब है जिसका ( Mukhda dekho gulab hai jiska )   मुखड़ा देखो गुलाब है जिसका हाँ उड़ा जो नकाब है जिसका   पी जाऊं मैं नशा समझकर के हुस्न लगता शराब है  जिसका   भेज रब जीस्त में उसको मेरी चेहरा जो आफ़ताब है जिसका   वो हक़ीक़त में घर आए मिलने…

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  • प्यार सबको जोड़ता है
    कविताएँ

    प्यार सबको जोड़ता है | Kavita

    ByAdmin May 13, 2021May 13, 2021

    प्यार सबको जोड़ता है ( Pyar sab ko jodta hai )   प्यार मधुर एहसास रिश्तो का हर  बाधाओं  को  तोड़ता है अपनेपन  का  भाव  जगाता प्यार  सब  को  जोड़ता  है   हर रिश्तो में प्यार जरूरी मधुर प्रेम रग रग दौड़ता है दिल से दिल को दस्तक देता प्यार सब को जोड़ता है  …

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  • हाथ पकड लो हे गिरधारी
    कविताएँ

    हाथ पकड लो हे गिरधारी | Kavita

    ByAdmin May 12, 2021May 12, 2021

    हाथ पकड लो हे गिरधारी ( Haath Pakad Lo Hey Girdhari )   माना  वक्त  ले रहा परिक्षा हिम्मत बची नहीं अब बाकि जीवन के आयाम बदल गए हर ओर मचा तबाही का मंजर   एसा खौफ एसी बेबसी पसर रही चहु दिशा बेलौस जीवन मृत्यु के सर्घष बीच कांप रही तन बीच बसी रूह…

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  • क्षितिज के तारे
    कविताएँ

    क्षितिज के तारे | Kavita

    ByAdmin May 12, 2021May 12, 2021

    क्षितिज के तारे ( Kshitij ke taare )   क्षितिज के तारे टूट रहे, अपनों के प्यारे छूट रहे। खतरों के बादल मंडराये, हमसे रब हमारे रूठ रहे।।   नियति का चलता खेल नया, कैसा  मंजर  दिखलाता है। बाजार बंद लेकिन फिर भी, कफ़न रोज बिकवाता है।।   मरघट  मौज  मना  रहा, सड़कों पर वीरानी…

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  • मिली नई जिंदगी
    कविताएँ

    मिली नई जिंदगी | Kavita

    ByAdmin May 12, 2021

    मिली नई जिंदगी ( Mili Nayi Zindagi )   बचते बचते बचा हूं मैं, सजते सजते बचा हूं मैं। शुक्र है मौला इलाही तेरा, टाल दिया जो अभी बुलावा मेरा। जिंदगी बख्श दी जिंदगी की खातिर, वरना यह समाज है बहुत ही शातिर! फायदे को अपने बनाए सारे कायदे, जीते जी जो ना निभा सके?…

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  • समावेशी विकास की अवधारणा
    निबंध

    समावेशी विकास की अवधारणा | Essay In Hindi

    ByAdmin May 11, 2021

    निबंध : समावेशी विकास की अवधारणा ( Concept of inclusive development : Essay In Hindi ) समावेशी विकास एक व्यापक अवधारणा है। इसका प्रमुख उद्देश्य देश के विकास प्रक्रिया में सभी नागरिकों को शामिल करने के साथ-साथ उनसे मिलने वाले लाभों की सत प्रतिशत पहुंच भी सुनिश्चित उन तक करना है। यानी कि समावेशी विकास…

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  • मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते
    शेरो-शायरी

    मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते | Udasi shayari

    ByAdmin May 11, 2021May 11, 2021

    मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते ( Mera Dil Ro Para Dekhte Dekhte )   मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते वो जुदा जब हुआ देखते देखते   कह सका बात दिल की नहीं उससे कुछ वो  जुदा  हो  गया  देखते  देखते   खा गया हूँ ठोकर पत्थर से नफ़रत की राह  मैं  तो  चला …

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