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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • जनता की जागरूकता आई काम
    कविताएँ

    जनता की जागरूकता आई काम | Kavita Janta ki Jagrookta

    ByAdmin April 3, 2021February 11, 2023

    जनता की जागरूकता आई काम ( Janta ki Jagrookta Aaee Kaam )   जाग गए हैं जाग रहे हैं वोटों को लेकर सजग हुए हैं मतदान बाद मशीन की निगरानी भी कर रहे हैं बंगाल असम चुनावों में नया ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं। करीमगंज की घटना साबित करती है, जनता अब अपने वोटों…

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  • जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर
    शेरो-शायरी

    Ghazal Teer -E- Nazer | जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर

    ByAdmin April 3, 2021February 13, 2023

    जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर ( Jab Hua Teer -E- Nazer Ka Vaar Dil Par )   जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर। चोट हमको है लगी दमदार दिल पर।। दर्द  में  भी  आने  लगता है मजा तब। वो असर कर देता है ये प्यार दिल पर।। उठ  गया  अपना  भरोसा प्यार…

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  • भाग्य
    कविताएँ

    Kavita | भाग्य

    ByAdmin April 3, 2021

    भाग्य ( Bhagya ) जनक  ने चार  चार  पुत्री ब्याही थी, धरती के उत्तम कुल में। मिले थे छत्तीस के छत्तीस गुड़ उनके, धरती के उत्तम वर से।   पूर्व  जन्मों  का  तप था जनक सुनैना, हर्षित होकर इठलाते थे। दिव्य था रूप अवध के उत्तम कुल से, जुडने को है भाग्य हमारे।   कोई…

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  • आजा साथी धूम मचाएं होली में
    कविताएँ

    Holi Par Kavita | आजा साथी धूम मचाएं होली में

    ByAdmin April 3, 2021

    आजा साथी धूम मचाएं होली में ( Aaja Sathi Dhoom Machaye Holi Mein )   आजा साथी धूम मचाएं होली में, थिरक थिरक मौज मनाएं होली में   भूलकर सारे राग द्वेष, हम मिल जाएं होली में। ढ़ोल नगाड़े ताशे की गूॅ॑जे, प्रेम रस बरसाएं होली में।   आजा साथी धूम.मचाएं होली में, थिरक-थिरक मौज…

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  • पुस्तक समीक्षा: एक हज़ार साल आगे की सोच, उपन्यास 3020 ई. से
    पुस्तक समीक्षा

    Book Review | एक हज़ार साल आगे की सोच, उपन्यास 3020 ई. से

    ByAdmin April 3, 2021April 3, 2021

    पुस्तक समीक्षा: एक हज़ार साल आगे की सोच, उपन्यास 3020 ई. से ( Book Review: Ek Hajar Saal Aage Ki Soach , Upanyas 3020 AD )   किताब- 3020 ई. विधा- उपन्यास (साइंस फिक्शन) लेखक- राकेश शंकर भारती समीक्षक- डॉ. सत्यनारायण चौधरी, सहायक प्राध्यापक (हिंदी साहित्य), जयपुर, राजस्थान प्रकाशक- अमन प्रकाशन, कानपुर उपन्यास के कुल…

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  • हम भारत के लोग
    कविताएँ

    Kavita | हम भारत के लोग

    ByAdmin April 2, 2021April 4, 2021

    हम भारत के लोग ( Ham Bharat Ke Log ) ****** हम भारत के लोग हैं सीधे सच्चे सादे इसी का फायदा अक्सर विदेशी मूल के लोग हैं उठाते चंगुल में फंसकर हम उनके सदियों से हैं हानि उठाते। डराते धमकाते बहकाते हमें है आपस में हैं लड़ाते यही खेला खेलकर संसाधनों पर हमारी कब्जा…

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  • सुना है
    शेरो-शायरी

    Ghazal Suna Hai | सुना है

    ByAdmin April 2, 2021February 12, 2023

    सुना है ( Suna Hai )   कभी कभी खंडहर भी बोल उठते हैं   वीराने भी खुद ब खुद सज जाते हैं   झींगुरों की ताल पर बेताल भी नाच उठतें हैं   सहरा में भी आब’शार मिल जाते हैं   कभी तो मुर्दा जिस्मों में बसती रूह भी कराह उठेगी   सोई ज़मीर…

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  • मातम में देखो हर ख़ुशी बन चुकी है!
    शेरो-शायरी

    Ghazal | मातम में देखो हर ख़ुशी बन चुकी है

    ByAdmin April 2, 2021April 2, 2021

    मातम में देखो हर ख़ुशी बन चुकी है! ( Matam Mein Dekho Har Khushi Ban Chuki Hai )     मातम में देखो हर ख़ुशी बन चुकी है! ग़मों से भरी जिंदगी बन चुकी है   लगा रोग ऐसा किसी की चाहत का जीने के लिए आशिक़ी बन चुकी है   रहा दूर तुझसे  नहीं…

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  • ऑनलाइन स्टडी ( Online Study ) से होने वाले फायदे और नुकसान
    निबंध

    Essay In Hindi | ऑनलाइन स्टडी ( Online Study ) से होने वाले फायदे और नुकसान

    ByAdmin April 2, 2021

    प्रस्तावना (Introduction) :- कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए मार्च 2020 में देशव्यापी लॉकडाउन किया गया। ऐसे में पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन स्टडी को अपनाकर इसका काफी उपयोग किया गया है। लेकिन इसके अपने फायदे और नुकसान हैं। ऑनलाइन स्टडी सुविधाजनक और आसान संचालन की वजह से लोकप्रिय है। यह आधुनिक…

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  • काहे बावड़ी पे बैठी राधा रानी
    कविताएँ

    Kavita | काहे बावड़ी पे बैठी राधा रानी

    ByAdmin April 1, 2021

    काहे बावड़ी पे बैठी राधा रानी ( Kahe Bawri Pe Baithi Radha Rani )   काहे बावड़ी पे बैठी राधा रानी, चलो चलते है यमुना के घाट पे। आया  सावन   भरा  नदी   पानी, चलो चलते है नदियां के घाट पे।।   बैठ कंदम्ब की डाल कन्हैया, मुरली  मधुर  बजाए। जिसकी धुन पर बेसुध गैय्या, ऐसी …

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