Udasi Bhari Shayari | Sad Shayari -चोट वफ़ा में ही खाई है
चोट वफ़ा में ही खाई है ( Chot Wafa Mein Hi Khai Hai ) चोट वफ़ा में ही खाई है ! ग़म की दिल में तन्हाई है जो अपनी थी ए दोस्त कभी वो राहें आज पराई है देखा जब से उसको मैंनें आंखों में ही परछाई है ग़ैर हुआ…










