Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • टपकती उसके न लब से शबनमी है
    शेरो-शायरी

    आज़म की शायरी | Aazam ki shayari

    ByAdmin September 23, 2020September 8, 2024

    कब मुझे कब मुझे ही करार मिलता है ग़म यहाँ बेशुमार मिलता है कर लिये फोन भी बहुत उसको कब मुझे आकर यार मिलता है सिर्फ़ अब तो भरी हसद दिल में कब दिलों में ही प्यार मिलता है कब किसे ही सनम मयस्सर हो इश्क में इंतिज़ार मिलता है इश्क़ से ही अमीर होते…

    Read More आज़म की शायरी | Aazam ki shayariContinue

  • भा गए हो हमको कसम से
    शेरो-शायरी

    भा गए हो हमको कसम से | love shayari in Hindi text

    ByAdmin September 22, 2020November 20, 2022

    भा गए हो हमको कसम से ( Bha gaye ho humko kasam se )    तुम भा गए हो हमको कसम से। तुम्हे चुरा ले कोई ना हम से।।   बनके तसव्वुर से हौले-हौले। दिल में बसे हो आकर के छम से।।   कितना पुराना है अपना नाता। मिलते रहे हो जन्मो जन्म से।।  …

    Read More भा गए हो हमको कसम से | love shayari in Hindi textContinue

  • बेटी की अभिलाषा
    कविताएँ

    बेटी की अभिलाषा | Beti ki abhilasha par kavita

    ByAdmin September 22, 2020November 20, 2022

    बेटी की अभिलाषा ( Beti ki abhilasha )  मां! मुझे गुरूकुल से न हटा, साफ-साफ बता? बात है क्या? यूं आंखें न चुरा! मैं अभी पढ़ना चाहती हूं, आगे बढ़ना चाहती हूं। किसी से नहीं हूं कम, रोको न मेरे कदम; तू देखी हो मेरा दम। आरंभ से अभी तक सर्वप्रथम ही आई हूं, न…

    Read More बेटी की अभिलाषा | Beti ki abhilasha par kavitaContinue

  • दिल मचलने लगा है 
    शेरो-शायरी

    दिल मचलने लगा है | love shayari dil se

    ByAdmin September 22, 2020November 20, 2022

    दिल मचलने लगा है  ( Dil machalne laga hai )      दिल मचलने लगा है एक मुखड़ा देखकर भूल गया हूँ उसको अपनें घर का  रास्ता देखकर   किस  तरह उससे मिलूं मैं उसके घर जाकर भला घर उसके तो रह गया हूँ  दंग पहरा देखकर   बात कोई वो मेरी सुनता नहीं है…

    Read More दिल मचलने लगा है | love shayari dil seContinue

  • दिल हमारा जलाते गये
    शेरो-शायरी

    दिल हमारा जलाते गये | Kavita dil hamara

    ByAdmin September 22, 2020November 16, 2022

    दिल हमारा जलाते गये ( Dil hamara jalate gaye )      राज उनको बताते गये। और वो आजमाते गये।।   रोशनी चाहिए थी उन्हें, दिल हमारा जलाते गये।।   मंजिलें ले गया कोई और, हम तो बस आते जाते गये‌‌।।   भूल कर अपनी औकात को, चांद से दिल लगाते गये।।   जैसे ही…

    Read More दिल हमारा जलाते गये | Kavita dil hamaraContinue

  • याद में तेरी ग़ज़ल
    शेरो-शायरी

    याद में तेरी ग़ज़ल | Shayari yaad ki

    ByAdmin September 22, 2020November 16, 2022

    याद में तेरी ग़ज़ल ( Yaad mein teri gazal )   हिज्र के ग़म जिंदगी में हम सहेगे उम्रभर याद में तेरी ग़ज़ल हम तो लिखेगे उम्रभर   इस जहां में तू कभी ख़ुद को तन्हा मत समझना साथ तेरे हर क़दम पे हम चलेगे उम्रभर   जिंदगी में ए ख़ुदा कोई मिले अब हम…

    Read More याद में तेरी ग़ज़ल | Shayari yaad kiContinue

  • दिल बहुत उदास है
    शेरो-शायरी

    दिल बहुत उदास है | Dil udas shayari

    ByAdmin September 21, 2020November 16, 2022

    दिल बहुत उदास है ( Dil bahot udas hai )      कौन आस पास है दिल बहुत उदास है   देखकर नजारा वो होश अब हवास है   जब मिली नहीं मिली दिल हुआ निराश है   आजकल न जाने क्यूं जीस्त क्यों हताश है   वो ओढ़े गरूर को हुस्न का लिबास है…

    Read More दिल बहुत उदास है | Dil udas shayariContinue

  • और झनकन
    कविताएँ

    और झनकन | Kavita jhanakan

    ByAdmin September 21, 2020November 15, 2022

    और झनकन ( Aur jhanakan )   तार वीणा के शिथिल इतनी स्पंदन और झनकन। बिना कंगन असह्य खनकन और झनकन।। शांत अन्तस्थल में कल कल की निनाद। चिरन्तन से अद्यतन तक वही संवाद। इतीक्षक कब होगा दरपन जैसा ये मन और झनकन।। बिना कंगन० करुण क्रंदन चीख बहती अश्रुधारा। जब विभू था सम्प्रभू था…

    Read More और झनकन | Kavita jhanakanContinue

  • अदाएं है कातिल जुबां शायराना।
    शेरो-शायरी

    अदाएं है कातिल जुबां शायराना | Shayrana poetry

    ByAdmin September 21, 2020November 15, 2022

    अदाएं है कातिल जुबां शायराना। ( Adayein hai katil zuban shayrana )    अदाएं है कातिल जुबां शायराना। यहीं पर मिलेगा ग़ज़ल का ख़ज़ाना।।   है आंखें ये मय सी ये लब है पैमाने। कहीं खुल ना जाए यहां पर मैख़ाना ।।   है खिलते गुलाबों सी गालों पे रंगत। लगे उस पे तिल भी…

    Read More अदाएं है कातिल जुबां शायराना | Shayrana poetryContinue

  • पग बढ़ाते चलो
    कविताएँ

    पग बढ़ाते चलो

    ByAdmin September 21, 2020December 31, 2020

    पग बढ़ाते चलो ***** कंकड़ी संकरी पथरीली, या हों रास्ते मखमली। हृदय में सदैव जली हो अग्नि, स्वार्थ हमें सब होगी तजनी। सेवाभाव की मंशा बड़ी, रास्ते में मुश्किलें भी होंगी खड़ी। पर जब करने की मंशा हो भली, बाधाएं दूर हो जातीं बड़ी से बड़ी। खुदा के वास्ते न देखो पीछे मुड़कर, बस तू…

    Read More पग बढ़ाते चलोContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 793 794 795 796 797 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search