• कवि महेन्द्र कुमावत को कन्हैयालाल सहल द्वितीय पुरस्कार प्रदान

    शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था, संजीवनी व अलायंस क्लब नवलगढ़ द्वारा स्व. कन्हैयालाल सहल की जयंती पर जांगिड अस्पताल परिसर मे कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ दयाशंकर जांगिड थे तथा मुख्य अतिथि नगरपालिका उपाध्यक्ष कैलाश चोटिया विशिष्ट अतिथि इंजीनियर भंवरलाल जांगिड रामकुमार सिंह राठौड डाॅ अनिल कुमार शर्मा व…

  • दिल को राहत है इस बहाने से

    दिल को राहत है इस बहाने से तेरी ग़ज़लों को गुनगुनाने सेदिल को राहत है इस बहाने से दिल में कितने ही उठ गये तूफांइक ज़रा उनके मुस्कुराने से लुत्फ़ आने लगा है अब मुझकोनाज़ नखरे तेरे उठाने से प्यार के सिक्के हैं बहुत मुझ पररोज़ लूटा करो खज़ाने से ढह गया है महल उमीदों…

  • हार हो गई | Haar ho Gai

    हार हो गई ( Haar Ho Gai ) सारी मेहनत बेकार हो गईइस बार भी हार हो गईकोशिश की थी बहुत हमनेमगर बेवफा सरकार हो गई । बड़ी मेहनत से उसको पाया थाबड़ी मुश्किल से करीब लाया थाअचानक वह फरार हो गईकिस्मत फिर दागदार हो गई । पास आकर वो चली गईकिस्मत फिर से छली…

  • बहुत सुन चुके

    बहुत सुन चुके बहुत सुन चुके है कि घाटा नहीं हैबहीखाता फिर क्यों दिखाता नहीं है चलो दूर कुछ और भी तुम हमारेअभी प्यार का मुझको नश्शा नहीं है तुम्हारी जुबाँ अब तुम्हें हो मुबारककभी थूक कर हमने चाटा नहीं है न देखो ज़रा तुम मेरी सिम्त मुड़करअभी तक ये दिल मेरा टूटा नहीं है…

  • ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी

    ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी ढलने लगी धीरे-धीरे जवानीबदलने लगी धीरे-धीरे कहानीभरोसा दिलों का अब घटने लगापिघलने लगी धीरे-धीरे रवानी।। बुढ़ापा बदन पर छाने लगाचांद सा चेहरा मुरझाने लगाचेहरे पर दिखती नही कोई रौनकसचमुच बुढ़ापा अब आने लगा।। वो मौसम दिखे ना फिजाएं दिखेहरी भरी दिलकश हवाएं दिखेदिखता नहीं है जुनून दिल में कोईनजरों में अब…

  • प्रेरणा | लघुकथा

    झुग्गी में रहने वाली संध्या बहुत ही होशियार लड़की थी। दसवीं कक्षा में उसने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उसके बाद 12वीं में भी अच्छे अंक प्राप्त किए। उसे एमबीबीएस में एडमिशन मिल नहीं सका। परंतु उसे बीएएमएस में एडमिशन मिल गया। अब वह डॉक्टर बन गई। उसका छोटा भाई आकाश इंजीनियर बनना चाहता था।…

  • नाम मुहब्बत रखा गया

    नाम मुहब्बत रखा गया दुनिया को इस तरह से सलामत रखा गयादो दिल मिले तो नाम मुहब्बत रखा गया गर वक़्त साथ दे तो बुलंदी पे हैं सभीरूठा अगर तो नाम कयामत रखा गया फैलाया हाथ हमने किसी के न सामनेख़ुद्दारियों को सारी अलामत रखा गया सब कुछ लुटाया उसने हमारे ही वास्तेमाँ का भी…

  • आँसू | Aansoo

    आँसू ह्रदय के हरेक भाव का द्रव भी,बह कर बन जाता है आँसू ।प्यार घृणा करुणा के विरोध का,द्रवित रूप होता है आँसू ।। सभी भावों की अभिव्यक्तियों पर,टपक आँख से जाता आँसू ।मन हँसता तो हँसे है वक्त भी,गिर जाता है आँख से आँसू ।। उसका स्थान नियत है कर डाला,मनुज आँख में बसता…

  • घर का बड़ा बेटा | Ghar ka Bada Beta

    घर का बड़ा बेटा आज टांग कर बैग,वह निकल गया कुछ दूर।घर की देख परेशानी,वह कमाने के लिए हुआ मजबूर। कभी था घर का राजा बेटा,आज हुआ वह नालायक।कमा के पैसा जो देता है,कहलाता है वह बेटा लायक। बहन की शादी करनी है,छोटा है अभी भाई।उसका भी अभी पढ़ना है,अब तो कमाना पड़ेगा भाई। बीमारी…

  • सपनों की तलाश | Sapno ki Talash

    सपनों की तलाश ( Sapno Ki Talash ) हर गली, हर मोड़ पर तेरा नाम पुकारा,तेरे बिना ये जीवन, है अधूरा, है बेसहारा।सपनों की तलाश में हर दिन भटक जाता,तेरे बिना मेरा हर सपना टूटकर रह जाता। तेरी बातों की मिठास, हर लम्हा महकाए,तेरी यादों की गहराई, मेरे दिल को सहलाए।तेरी राहों की ओर हररोज़…