कविताएँ

  • किस पर लिखूँ | Poem kis par likhu

    किस पर लिखूँ ( Kis par likhu )    1. आखिर,किस पर क्या लिखूँ || कलम उठा ली हांथ मे, कागज कोरा ले लिया | बैठा गया मै सोच के, किसी परी पर कविता लिखूँ |  आखिर,किस पर क्या लिखूँ || 2.लिखने बैठा तो सोच मे पड गया, किस-किस की अदाएं लिखूँ | मगर दिख…

  • वो-सनम् | Poem O – Sanam

     वो-सनम्  ( O Sanam )    क्या ? आज भी तुम “वही”हो || 1.एक वक्त था ना तुम मुझे जानते थे,ना मै तुम्हें जनता था | फिर दोनो की उम्र कि जरूरत थी,वक्त का भी फैसला था | न मैने तुम्हें देखा न तुमने मुझे देखा,सिलसिला शुरू हुआ | दिली चाहत थी न कोई सवाल,बातों…

  • जिन्दगी का सफर | Zindagi ka safar kavita

     “जिन्दगी का सफर”  ( Zindagi ka safar ) सफर जिन्दगी का कठिन है, “नामुमकिन”नहीं || राह-नई मंजिल-नई, हम भी नए जमाने में | जाने कब कहाँ पहुँचेंगे, जाने किस ठिकाने में | जब से जीना सीखा हमने, दिन-रात चुनौती रहती है | सफर हमारा जारी है, स्वीकर हर चुनौती रहती है |   सफर जिन्दगी…

  • प्रथम-गुरू | Pratham guru kavita

    “प्रथम-गुरू” ( Pratham guru )   गुरु है ब्रम्हा-गुरु है विष्णु, गुरु हैं मेरे महेश्वरा प्रथम गुरु मेरे मात-पिता, दिया जनम दिया आसरा उनके जैसा धरती में क्या, नहीं अम्बर में भी दूसरा पाल-पोस कर बड़ा किया, नहीं होने दी कमी कोई प्यार नहीं कोई उनके जैसा, न ही मिलावट है कोई गुरु है ब्रम्हा,गुरु…

  • प्यासा हूँ मैं | Pyasa hoon main ghazal

     प्यासा हूँ मैं  ( Pyasa hoon main )   उल्फ़त का ही प्यासा हूँ मैं वो  बदला  आवारा  हूँ  मैं    यार रहूं ख़ुश कैसे मैं अब अंदर  से  ही  टूटा  हूँ  मैं   भेज ख़ुदा दोस्त यहां अब तो जीवन  में  रब  तन्हा  हूँ  मैं   लोगों ने बदनाम किया है यार शराब न…

  • रक्षा-बन्धन | Raksha bandhan kavita

    “रक्षा-बन्धन”   –>लो आ गई राखी…….|| बाजार खुल गया राखी का, चमचम चमके राखी | कोई खरीदे खेल-खिलौने, कोई खरीदे राखी | कहीं पे मम्मी कही पे बहना, कर रही हैं शॉपिंग | कहीं पे मुरली लेकर बच्चे, कर रहे हैं पंपिंग | –>लो आ गई राखी …….|| मम्मी घर पर तरह-तरह के, बना रही…

  • सावन | Swan kavita

    सावन  ( Sawan )   –> आया सावन झूमते, धरती को यूं चूमते || 1.फूल खिल रहे बगियन में, रंग बिरंगे तरह-तरह | बादलों में बिजली चमके, रिम-झिम बरसे जगह-जगह | कहीं मूसलाधार हो बारिश, टिम-टिम बरसे कहीं-कहीं | कोई कहता रुक जा मालिक, कहता कोई नहीं-नहीं | –>आया सावन झूमते, धरती को यूं चूमते…

  • आओ माँ | Aao maa kavita

     ” आओ माँ ”  ( Aao Maa )   –> आओ मेरी जगत्-जननी माँ…….|| 1.आओ मेरी जगदानन्दी, मेरे घर आंगन में | स्वागत है अभिनन्दन है, मेरे घर आंगन में | नौ दिन नौ रुप में आना, मेरे घर आंगन में | ममता की नजरें फैलाना, मेरे घर आंगन में | –> आओ मेरी जगत्-जननी…

  • ️️आओ गणेश जी️ | Aao Ganesh Ji

    ️ आओ गणेश जी  ( Aao Ganesh Ji )   –>आओ मेरे गणराजा………..|| 1.आओ मेरे महराज गजानन, स्वागत है अभिनन्दन है | ऋद्धि-सिद्धि को साथ मे लाना, उनका भी सत-बन्दन है | सालों से तुम अपने भक्तों के, दूर दुखों को करते हो | निर्बल और पीडित भक्तों की, पीडा को तुम हरते हो |…

  • कनक | Kanak Hindi kavita

    “कनक” ( Kanak  )   ✨ –>कनक कनक पर कौन सा….. ✨ 1.एक कनक मे मादकता, एक मे होए अमीरी | एक कनक मे मद चढे, एक मे जाए गरीबी | नाम कनक के एक हैं, अर्थ द्वि-भाषी होता | एक कनक धतूरा होता, दूजा सोना होता | ✨ –>कनक कनक पर कौन सा….. ✨…