Author: Admin

  • परिवर्तन की अठखेलियों में | Parivartan ki Athkheliyon Mein

    परिवर्तन की अठखेलियों में ( Parivartan ki athkheliyon mein )    परिवर्तन की अठखेलियों में, खुशियों की रवानी है शाश्वतता अहम श्रृंगार, सृष्टि अलौकिक नियम । आशा उमंग उल्लास अथाह, समृद्धि चाहना अत्युत्तम । पटाक्षेप कर सघन तिमिर, आलोक पथ बखानी है । परिवर्तन की अठखेलियों में, खुशियों की रवानी है ।। लोभ मद लालच…

  • उजाड़ो न दुनिया | Ujado na Duniya

    उजाड़ो न दुनिया ! ( Ujado na duniya )    पैग़म्बरों की जमीं,अम्न बोते चलो, जंग को जहां से बचाते चलो। बंट गई है दुनिया आज दो धड़ों में, लगी आग को तुम बुझाते चलो। फासला बढ़ा है लोगों के अंदर, दिल की दूरियाँ को घटाते चलो। नहीं थम रहे हैं आँसू जहां के, उदासी…

  • बोलो अब किस डगर चले | Kis Dagar

    बोलो अब किस डगर चले ( Bolo ab kis dagar chale )    इधर चले या उधर चले, बोलो अब किस डगर चले। कहो किधर रस्ता मंजिलें, कहो कारवां किधर चले। चुनावी मौसम अब आया, रंग बदलता हर साया है। वादों की भरमार हो रही, धुंआ धुंआ जग छाया है। प्रेम सुधा रसधार लिए, बोलो…

  • नग्नता | Nagnata

    नग्नता ( Nagnata )    नग्नता का विरोध तो सभी करते हैं किंतु, अपने ही घर से उभरती नग्नता को रोक नही पाते मां और बाबूजी के स्थान पर मॉम और डैड सुनने से स्वाभिमान गौरवान्वित होता है….. यहां आओ बेटा ,बैठ जाओ खड़े हो जाओ की जगह कम कम , सिट हियर, या स्टैंड…

  • यह नक चढ़ी नाक | Nak Chadhi

    यह नक चढ़ी नाक ( Ya nak chadhi nak )    यह नक चढ़ी नाक गजब ढा गई। तेवर तीखे वह हमको दिखा गई। अंदाज मस्ताने नैना चले तीर से। आहट से लगा कि आंधी आ गई। यह नक चढ़ी नाक नखरो वाली। बड़े चाव से मुसीबत हमने पाली। मोरनी सी चाल घुंघरू पायल के।…

  • अगर साकी | Agar Saqi

    अगर साकी ( Agar Saqi )    बता देते तो अच्छा था कहाँ तेरी नज़र साकी तो फिर हम झट से कर देते पियाला भी उधर साकी ॥ दिया ना जाम वो जिसकी तमन्ना थी मिरे दिल में गिला क्या अब तिरे मय का नहीं होगा असर साकी ॥ छलक जाता जो पैमाना , क़यामत…

  • हमारी बेटी | Hamari Beti

    हमारी बेटी ( Hamari Beti )    सारी बेटी सबसे ज्यादा होनहार है भारत की बेटी, हम सब की बेटी और हैं सब भारत की बेटी। घर में आती जिस दिन जब जन्म लेती है बेटी, संसार और समाज का मान बढ़ाया करती है बेटी। सम्भालती है हमेशा हमारे घर की डोर सदा अपनी बेटी,…

  • चुनाव | Chunaav

    आज बस्ती के चौराहे में बहुत चहल पहल थी, शहर के कोई न्यूज रिपोर्टर आए थे, कैमरे के सामने हाथों में माइक पकड़े हुए वो वहां के लोगों से आगामी चुनाव के बारे में सवाल पूछ रहे थे। रामप्रसाद जो अपने काम पर जाने को निकला था उसे रोकते हुए रिपोर्टर ने पूछा….एक मिनट जरा…

  • प्रयागराज एयर शो | Prayagraj Air Show

    प्रयागराज ‘एयर शो’ ( Prayagraj Air Show )    हम गये रहे ‘एयर शो’ देखै जनसैलाब कै उठती लौ देखै एलन गंज में रहत रहे ‘यूपीएचईएससी’ कै तैयारी करते रहे अपने सब सखियन का लइकै कमरा से तो निकल गये लेकिन रेलवे ट्रैक पै जाके थोड़ा-सा हम ठिठक गये प्रयाग स्टेशन से लोगन वापस आवत…

  • छोटी सी बात | Chhoti si Baat

    छोटी सी बात ( Chhoti si baat )    छोटी सी बात राई का पहाड़ बन गई। टूट गई घर की दीवारें तलवारें तन गई। जमीन का बंटवारा होना दिल बंट गए। अपनापन लाड प्यार दिलों से घट गए। मां-बाप औलाद का ताकते रहे चेहरा। गाढ़ी कमाई तिजोरी पे भी लगा पहरा। संयुक्त परिवार यहां…