Author: Admin

  • अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस | Beti Divas

    अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस ( Antarrashtriya antarrashtriya beti divas )    बेटी की आहट से खुलते,खुशियों के अनंत द्वार मनुज सौभाग्य जागृत, मंगलता गृह प्रवेश । सुख समृद्धि सरित प्रवाह, आह्लाद पूर्ण परिवेश । दर्शन कर भव्य उपमा , आशा उमंग असीम संचार । बेटी की आहट से खुलते,खुशियों के अनंत द्वार ।। सृजन दिव्य अठखेलियां,…

  • मेरी प्यारी अना | Meri Pyari Ana

    मेरी प्यारी अना ( Meri pyari ana )    मेरी प्यारी अना, मैं तुम पे हूँ फना, अपना लो सनम करना मत मना! दिल ने जब पुकारा , क्या तुमने था सुना? बैठो कहां चल दी, कुछ सुनाओ ना। दूर क्यूँ इतनी हो, करीब आओ ना। ग़र रूठ गयी तुम, तुम्हें लूँगा मैं मना।  …

  • जवाब क्या दोगे | Jawab Kya Doge

    जवाब क्या दोगे ( Jawab kya doge )    मानता हूं दुनियां आपसे नही है आप दुनियां मे हैं किंतु ,आपके प्रभाव से प्रभावित अन्यों का होना भी तो स्वाभाविक है… संगत ,माहौल और मौसम से कोई वंचित नही रह सकता माना आप कुछ नही और बहुत भी हैं पर,आपकी उपस्थिति भी मायने रखती है……

  • क्या है आचार संहिता | Aachar Sanhita

    क्या है आचार संहिता ( Kya hai aachar sanhita )    चलों साथियों हम जाने क्या है ये आचार संहिता, क्या है इसके नियम एवं लागू क्यों किया जाता। क्यों पड़ी इसकी ज़रुरत और मक़सद क्या होता, कब से शुरु हुआ यह क्या क्या इसमें बंद होता।। कई बनें है इसके लिए आचार-संहिता पर नियम,…

  • नेता जी | Mulayam Singh Yadav

    नेता जी! ( Netaji)  !! विनम्र श्रद्धांजलि!! ( धरती -पुत्र मुलायम सिंह जी को! )   लोहिया कै रहिया के देखाई अब नेताजी, यूपी की नइया के बचाई अब नेताजी। अमवाँ की बगिया से उड़ गयल सुगनवाँ, रोई- रोई बेहाल भयल सगरो जहनवाँ। सागर से मोतिया के ले आई अब नेताजी, यूपी की नइया के…

  • जंग का सुरूर | Jang ka Suroor

    जंग का सुरूर ( Jang ka suroor )    हर कोई नशे में चल रहा यारों, तभी तो ये जग जल रहा यारों। अश्क में उबल रही पूरी कायनात, देखो सुख का सूरज ढल रहा यारों। पिला रहे पिलानेवाले बनकर साक़ी, क्यों यूएनओ नहीं संभल रहा यारों। इजराइल,हमास,रूस,यूक्रेन,अमेरिका पे, रोज जंग का सुरूर चढ़ रहा…

  • ट्रैफ़िक जाम | Traffic Jam

    ट्रैफ़िक जाम ( Traffic Jam )   जब सड़कें नहीं चलती तब गलियाँ चलती हैं, जब गलियाँ भी नहीं चलती, तब लोग पैदल चलने लगते हैं। पैदल चलना केवल स्वास्थ्यकर ही नहीं होता बल्कि क्रांति का द्योतक होता है उस व्यवस्था के विरुद्ध जो सड़कें, गलियां जाम करने को मजबूर करते हैं, तब पैदल चलने…

  • जय भारत | Jay Bharat

    जय भारत ( Jay Bharat )    फिर से अलख जगाना होगा बुझती ज्योत को उठाना होगा संचार विहीन सुप्त चेतना हुयी प्राण सुधारस फिर भरना होगा.. छूट रहे हैं सब अपने धरम करम निज स्वार्थ ही है अब बना मनका मरी भावना रिश्तों मे अपने पन की घृणित कर्म नही हो,सनातन का.. हिंदी होकर…

  • बेमानी | Bemani

    बेमानी ( Bemani )   हक़ीक़त दिलों की यहाँ किसने जानी है, गहराई जितनी उतनी उलझी कहानी है। अक्सर सूरत में छिप जाते है किरदार वरन हर मुस्कुराते चेहरे की आँख में पानी है। अपने ही किस्से में मशगूल रहे इस कदर एहसासों की अनकही बातें किसने जानी है। हरी हो टहनी तो सह लेती…

  • सही मतदान | Matdan

    सही मतदान ( Sahi Matdan ) ( 2 ) शुचिता के प्रसून खिले,सजग सही मत प्रयोग से मतदान लोकतंत्र व्यवस्था, हर मतदाता परम अधिकार । उत्तम नेतृत्व चयन परम, अवांछित सदैव प्रतिकार । राष्ट्र निर्माण सक्रिय भागिता, उज्ज्वल भविष्य कल्पना योग से । शुचिता के प्रसून खिले, सजग सही मत प्रयोग से ।। जाति धर्म…