• सभी के लिए | Sabhi ke Liye

    सभी के लिए ( Sabhi ke Liye )   चमकना है अगर जीवन में तो हर ताप को सहना होगा कहीं राम को श्याम, तो कहीं श्याम को राम कहना होगा जीवन पथ पर चलना होगा मौसम में भी हर मौसम है शामिल युग में भी हर युग के कर्म हैं दया ,धर्म ,क्षमता ,आतंक…

  • ख़ुदग़र्ज़ | Khudgarz

    ख़ुदग़र्ज़ ( Khudgarz )   जिनको सिर्फ़ ख़ुद की आवाज़ सुनाई देती, जिन्हें सिर्फ़ अपना किया ही है दिखाई देता, ऐसे बेहिस लोगों से फिर क्या ही है बोलना, वही अंधों के आगे रोना अपना दीदा खोना, वो अपनी ही ख़्वाहिशातों के ग़ुलाम होते हैं, अपनी ग़लती पेभी शाबाशी सरेआम लेते हैं, अब हमें नहीं…

  • आओ गोरी खेले होली | Khelen Holi

    आओ गोरी खेले होली ( Aao Gori Khelen Holi )   आओ गोरी होली खेले फागुन का महीना आया। मदमाता मधुमास मोहक प्यार भरा मौसम छाया। रस रंग अबीर उड़े भरकर पिचकारी रंग लगाएं। प्रीत भरे तराने मनभावन फागुन की फुहार गाए। लाल गुलाल गाल लगाए नाचे झूमे हम मुस्काए। होली आई होली आई घर…

  • सोच की नग्नता | Soch ki Nagnata

    सोच की नग्नता ( Soch ki Nagnata )   भरी गागर में और जल भरता नहीं बदल गई हो दिशा जिसकी वो तना सीधे खड़ा रहता नहीं लाख चाहकर भी आप सोच किसी की बदल सकते नहीं मिले हो जो संस्कार गर्भ से ही युवापन के बाद उसे सुधार सकते नहीं परिवार, पड़ोस ही देता…

  • तेरा शेष बचे | Tera Shesh Bache

    तेरा शेष बचे ( Tera Shesh Bache )   मेरा सभी नष्ट हो जाये, तेरा शेष बचे। महाशून्य के महानिलय में, तेरी धूम मचे। तब कोई व्यवधान न होगा। मान और अपमान न होगा। सुख-दुख, आशा और निराशा का कोई स्थान न होगा। मन की सभी कामनाओं में, तू ही मात्र रचे। मेरा सभी नष्ट…

  • काली मिर्च | Kavita Kali Mirch

    काली मिर्च  ( Kali Mirch )    काली है वह रूप से लेकिन है बहुत गुणकारी, प्रकृति की जो देन है पीड़ा हर लेती वो भारी। हर घर में मिल जाती है वो आसानी से हमारी, ज़ायका खाने में बड़ा देती दूर करती बीमारी‌।। दक्षिण भारत में ख़ासकर जिसकी खेती होती, उसके उत्पाद से जनता…

  • होली आई रे | Holi Aayi re

    होली आई रे  ( Holi Aayi re ) ( 2 ) होली आई…..होली आई…होली आई रे होली आई…..होली आई…होली आई रे नीले पीले लाल गुलाबी रंगों का ये त्यौहार, खुशियों उमंगों से भर देता है सबका संसार। रंग बिरंगे रंगों में सबको डुबोने होली आई रे, क्या बच्चे क्या बूढ़े सबकी बनाने टोली आई रे।…

  • पहली दफ़ा | Pehli Dafa

    पहली दफ़ा ( Pehli Dafa )   जबसे तुम्हें देखा है जीने की हसरत हुई है, पहली दफ़ा ख़ुद से हमको मोहब्बत हुई है, सुन ज़रा तू ऐ मेरे हमराज़ ऐ मेरे हम-नशीं, तेरे आने से मुर्दा-ए-दिल में हरकत हुई है, तू पास है दिलमें जश्न-ए-बहारां हर रोज़ है, तेरे बिन तो फ़क़त ख़िजाँ की…

  • व्याकुलता | Vyakulta

    व्याकुलता ( Vyakulta )   खोज लेती है धारा प्रवाह अपना आपसे सलाह लेती नहीं निगाहों में जिनके बसता हो सागर वो नदी नालों में कभी रुकते नहीं आदि से अनंत तक की यात्रा रहती है गतिमान सदैव ही ठहर सकते हैं भले मन या तन से आप आपकी कहानी कभी रुकती नहीं अन गिनत…

  • खाटू वाला श्याम हमारा | Khatu Shayam

    खाटू वाला श्याम हमारा ( Khatu Wala Shayam Hamara )   हारे का सहारा,खाटू वाला श्याम हमारा शेखावाटी उत्संग खाटू नगरी, जन आस्था परम धाम । धर्म कर्म पावनता अथाह, दर्शित अलौकिकता अविराम । दुःख कष्ट मूल विलोपन, अविरल सुख समृद्धि धारा । हारे का सहारा, खाटू वाला श्याम हमारा ।। कलयुग कृष्ण अवतारी बाबा,…