• खूब उसने जफ़ा की | Jafa Shayari

     खूब उसने जफ़ा की ( Khoob usne jafa ki )   रोज़ जिससे दोस्ती में वफ़ा की साथ उसने रोज़ मुझसे दग़ा की भूल जाऊं बेवफ़ा को हमेशा खूब रब से रोज़ मैंनें दुआ की याद के उसकी भरे ज़ख्म कब है खूब ज़ख्मों की यहाँ दवा की देखिये वो बेवफ़ा की निग़ाहे प्यार की…

  • चन्द्र विजय अभियान | Chandra Vijay Abhiyan

    चन्द्र विजय अभियान ( Chandra Vijay Abhiyan )    आदिकाल से दिये जगत को,सभी ज्ञान- विज्ञान इसीलिए ही तो भारत ने , पाया गुरुतर मान !! संधारित है अब इस भू का,गगन विजयअभियान चन्द्रलोक के दक्षिण थ्रुव पर, गूॅंज रहा यश-गान !! इस संस्कृति की वैज्ञानिकता,स्वयं प्रमाण बनी है चन्द्रलोक में उतर चुका है ,…

  • हिंदी से हिंद का परचम | Hindi se Hind ka Parcham

    हिंदी से हिंद का परचम ( Hindi se Hind ka Parcham )    पढ़ूं हिंदी ,लिखूं हिंदी, मेरी पहचान है हिंदी। है माता तुल्य जन जन की, हमारी शान है हिंदी ।। दिए हिंदी नें हमको सूर ,तुलसी कबीर औ मीरा । सुमित्रानंदन भारतेंदु, प्रेमचंद सा दिया हीरा ।। सतत उत्थान हो हिंदी ,सदा सम्मान…

  • भारत इंडिया | Bharat India

    भारत इंडिया ( Bharat India )    जाने भारत इंडिया शब्दों के, अंतस्थ का यथार्थ निज संविधान उल्लेखित नाम, इंडिया जो कि भारत है । पर इन शब्दों पर आजकल , गर्म थोड़ी सियासत है । भारत राजा भरत प्रतीक, इंडिया सिंधु घाटी भावार्थ । जाने भारत इंडिया शब्दों के, अंतस्थ का यथार्थ ।। एक…

  • हिंदी | Poem on Hindi in Hindi

    हिंदी ( Hindi )    हिंदी ही हिंद की पहचान रही युगों युगों का यह सम्मान रही भारत का यह अभिमान रही भारत वासी का स्वाभिमान रही ज्ञान रत भारत का गान हिंदी हर भाषा का यही मूल ज्ञान हिंदी जन जन के हृदय की तान हिंदी आदि सनातन की पहचान हिंदी हिंदी ने ही…

  • मेरा भारत | Mera Bharat

    मेरा भारत ! ( Mera Bharat )    बिछाकर आँख सबको जोड़ता है भारत, दुनिया को साथ लेकर चलता है भारत। कितने टूट चुके हैं देखो, दुनिया के तार, सारे जहां का साज रखता है भारत। पामाल हो चुके हैं न जाने कितने देश, सब में इंकलाब भरता है भारत। झुका देता है नील गगन…

  • कमरा | Kamra

    कमरा ( Kamra )    अनायास तीव्र वेग से मेरे कमरे में आकर हवा ने हलचल मचा दी और परदे ने लहराकर मेरे टेबिल पर रखी कांच से मढ़ी फ्रेम हुई तस्वीर को गिरा दिया साथ ही वही रखी हुई मियाज के पन्नों ने फड़फड़ाकर हलचल मचा दी और फिर वही रखी हुई इंक की…

  • ईश्वर को तू अपना बना ले | Ishwar ko tu Apna Bana le

    ईश्वर को तू अपना बना ले ( Ishwar ko tu apna bana le )   मौत को गले लगाने से बेहतर अपनो को लगा ले, माँ बाप के साथ भी थोड़ा वक्त बिता ले, चाहे ना समझे तूझे, ये पूरी दुनियां, एक काम कर, “ईश्वर” को बस तू अपना बना ले, मत डर तानों से,…

  • शब्द | Shabd

    शब्द ( Shabd )  ( 2 )  शब्द से अधिक शब्द के भाव महत्व के होते हैं प्रसंग के अनुरूप शब्द बोध का होना जरूरी है ना व्यक्ति महत्वपूर्ण है न शब्द महत्वपूर्ण है महत्वपूर्ण तो उद्गम स्रोत होता है एक ही बात को कब ,किसने, किसके लिए कहा शाब्दिक अर्थ वही महत्व का होता…

  • वसुधैव कुटुंबकम् | Vasudhaiva kutumbakam

    वसुधैव कुटुंबकम् ( Vasudhaiva kutumbakam )    वसुधैव कुटुंबकम् से, दुनिया का आर्थिक श्रृंगार जी 20 अप्रतिम मेजबानी, भारत वर्ष अहो भाग्य । अतिथि देवो भव सत्कार, आनंद अथाह हिंद गणराज्य । सर्व विकासशील अर्थव्यवस्था , भव्य स्वप्न अब साकार । वसुधैव कुटुंबकम् से, दुनिया का आर्थिक श्रृंगार ।। वर्तमान वैश्विक चुनौतियों पर , गहन…