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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • पावस काव्य गोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न
    साहित्यिक गतिविधि

    पावस काव्य गोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न

    ByAdmin July 10, 2023July 10, 2023

    आरंभ चैरिटेबल फाउंडेशन की स्मारिका” आरंभ उत्कर्ष ” के विमोचन का कार्यक्रम व “पावस काव्य गोष्ठी” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। संस्थान की अध्यक्ष अनुपमा अनुश्री सहित विशिष्ट अतिथि श्यामा गुप्ता , शेफालिका श्रीवास्तव और मणि सक्सेना की उपस्थिति में विमोचन किया गया। इस स्मारिका “आरंभ उत्कर्ष” में आरंभ फाउंडेशन के विविध आयामी सांस्कृतिक /साहित्यिक/ समाजसेवी कार्यक्रमों…

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  • वरिष्ठ साहित्यकारों का हुआ सम्मान
    साहित्यिक गतिविधि

    वरिष्ठ साहित्यकारों का हुआ सम्मान

    ByAdmin July 10, 2023July 10, 2023

    बरेली। शुभम मेमोरियल साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था ने रविवार को कोहाड़ापीर स्थित भारत सेवा ट्रस्ट के सभागार में कई वरिष्ठ साहित्यकारों ,समाज सेवियों और चिकित्सकों को सम्मानित किया। जिसमें डा. अनुपम गोयल, डा. गीता चौहान, शमशेर बहादुर आँचल (बदायूँ), शैलेंद्र मिश्र देव, (बदायूँ),  रामवीर सिंह वीर (देहरादून) को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री…

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  • Kareeb Shayari
    ग़ज़ल

    नहीं कभी वो हमारे क़रीब आये है | Kareeb Shayari

    ByAdmin July 10, 2023July 10, 2023

    नहीं कभी वो हमारे क़रीब आये है ( Nahin kabhi jo hamare kareeb aaye hai )   जिन्हें समझा घर हमारे हबीब आये है वहीं बनके घर हमारे रकीब आये है निभाएंगे क्या मुहब्बत वहीं वफ़ा हमसे हमें देने घर हमारे सलीब आये है दुखाने दिल को हमेशा रहें आते ही वो नहीं मुहब्बत के…

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  • Wah re Tamatar
    कविताएँ

    वाह रे टमाटर | Wah re Tamatar

    ByAdmin July 9, 2023

    वाह रे टमाटर ( Wah re tamatar )    जब मैंने टमाटर से यह कहा वाह रे टमाटर , वाह रे टमाटर , भाव तू ले गया कितने अपने ऊपर! तो सुनिए उसने क्या कहा.. ना हूं मैं कोई राजा ना ही कोई वजीर हूँ, मैं तो भाई टमाटर सब्जी की तकदीर हूँ। मैं सभी…

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  • Siskiyaan Shayari
    ग़ज़ल

    सुनाई देगी तुझे मेरी सिसकियाँ | Siskiyaan Shayari

    ByAdmin July 9, 2023

    सुनाई देगी तुझे मेरी सिसकियाँ ( Sunai degi tujhe meri siskiyaan )    है प्यार देख लो दोनों के दर्मियाँ अब भी उसी के नाम पे रुकती हैं हिचकियाँ अब भी कभी छुपा के दी तुमने मुझे किताबों में रखी हैं मैंने वो महफ़ूज चिट्ठियाँ अब भी क़ुबूल होगी कभी तो दुआ ख़ुदा के दर…

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  • Baba Ramdev Pir
    कविताएँ

    नगर सेठ रामदेव बाबा | Baba Ramdev Pir

    ByAdmin July 9, 2023

    नगर सेठ रामदेव बाबा ( Nagar Seth Ramdev Baba )    धरा नवलगढ़ शहर प्यारा बाबा रामसापीर हमारा। नगर सेठ रामदेव बाबा तेरे दर पे लगता भंडारा। लीलो घोड़ो धवल ध्वजा मंदिर बाबा आलीशान। दूर-दूर से आवे जातरी भक्त करते तेरा गुणगान। भादवा सुदी दशमी मेला झूला लगे सजे बाजार। दीप ज्योति जगे उजियारा भरा…

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  • Bhole Baba Barfani
    कविताएँ

    भोले बाबा बर्फानी | Bhole Baba Barfani

    ByAdmin July 9, 2023

    भोले बाबा बर्फानी ( Bhole Baba Barfani )    शिव शंकर भोलेनाथ सदा ही रखना हम पर हाथ, आप है त्रिलोकी के नाथ और आप ही भूत-नाथ। शीश पर आपके चन्द्रमा और बहे जटाओं से गंगा, बर्फानी-रूप बनाकर आतें हो हर वर्ष अमरनाथ।। गले में रहता आपके साॅंप और त्रिशूल रहता हाथ, पीते भांग घोंटके…

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  • Kal ki Khabar Nahi
    कविताएँ

    कल की खबर नहीं | Kal ki Khabar Nahi

    ByAdmin July 8, 2023

    कल की खबर नहीं! ( Kal ki khabar nahin )    कल की खबर नहीं देख तू मेरे साथ चल, जिन्दगी की है डगर कठिन मेरे साथ चल। फिजाओं में घुली है आज चारों तरफ भांग, कल कोई फूल बिछाए न बिछाए साथ चल। जिन्दगी का सफर है देखो बहुत ही बड़ा, कल चराग़-ए-दिल जले…

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  • Nav Arsh ki pakhi
    पुस्तक समीक्षा

    नवअर्श के पाँखी | पुस्तक समीक्षा

    ByAdmin July 8, 2023

      पुस्तक समीक्षा-  नवअर्श के पाँखी “– नव क्षितिज की तलाश में।* समीक्षक –  प्रो. (डॉ.) विजय महादेव गाडे शोध निर्देशक एवं अध्यक्ष हिन्दी विभाग बाबासाहेब चितळे महाविद्यालय, भिलवडी ता. पलूस, जि. सांगली (महाराष्ट्र) ” रचनाकार की मौलिकता केवल शैली की नवीनता में नहीं,  उसके साथ चिंतन की दिशा और आस्था में भी है।” –             …

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  • Anindh Sundari
    कविताएँ

    अनिंद्य सुंदरी | Anindh Sundari

    ByAdmin July 7, 2023

    “अनिंद्य सुंदरी” ( Anindh Sundari )   सदियों से तुमसे दीप्त सूर्य और प्रदीप्त होकर चांँद भूधर पाकर अपरिमित साहस अवनि अनंत धैर्य उर में धरती है पग धरती हो तुम उपवन में या मन में पुष्पित हो जाती हैं सुप्त कलियां सज जाती हैं मधुरम मंजरियांँ। मुस्कुराने से तुम्हारे फूट पड़ते हैं झरने प्रकृति…

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