• सावन में नहीं आए भरतार | Sawan mein Nahin Aaye Bhartar

    सावन में नहीं आए भरतार ( Sawan mein nahin aaye bhartar )   राह तक रही ये अंखियाॅं जो प्रेम दीवानी तेरी, साजन के बिन है अधूरी प्यारी सजनी ये तेरी। तेरे बिना साजन ये सावन लग रहा सूना-सूना, कब आओगे हमें बतादो तड़पे ये चाॅंदनी तेरी।। विरह में ऐसे तड़प रहें जैसे नही बदन…

  • भय | Bhay

    भय ( Bhay )   उथले पानी में तैरे तैरे फिर भी डर कर तैरे पास पड़ी रेत मिली पैरों के धूमिल चिन्ह मिले लहर पानी की जो आई उन चिन्हों को मिटा गई भय के मोहपास के कारण मोती की आशा मिलने की खाली मेरे हाथ रहे कुएं में रहने वाला मेंढक खुद को…

  • सावन का महंगा लहंगा | Sawan ka Lehenga

    सावन का महंगा लहंगा ( Sawan ka mahanga lehenga )    पिया दिलादो सावन का लहंगा, सस्ता नही थोड़ा सा वह महंगा। आ गया सावन प्रेम का महीना, झमा-झम करता प्यारा महीना।। शादी के बाद यह पहला सावन, दिला दो लहंगा हमें मन-भावन। अब तक पहने घर के ही कपड़े, लहंगे पे साजन मत कर…

  • वर्षा ऋतु | Varsha Ritu

    वर्षा ऋतु ( Varsha ritu )    रिमझिम फुहारों से दिल फिर खिलेंगे, मेघों के काँधे नभ हम उड़ेंगे। बात करेंगे उड़ती तितलियों से, भौंरों के होंठों से नगमें चुनेंगे। चिलचिलाती धूप से कितना जले थे, मिलकर बरखा से शिकायत करेंगे। पाकर उसे खेत -खलिहान सजते, आखिर उदर भी तो उससे भरेंगे। धरती का सारा…

  • हम सावन न भूले | Ham Sawan na Bhoole

    हम सावन न भूले ( Ham sawan na bhoole)    छन्नी कभी तक वो तन न भूले वो ग़म भरा हम सावन न भूले बदला तुझी से लेंगे अदू हम उजड़ा कभी तक गुलशन न भूले सैनिक तुझे मारेगा किसी दिन औक़ात अभी वो दुश्मन न भूले गिनकर अदू लेंगे तुझसे बदला वो खू भरा…

  • कविता शादी | Shaadi par Kavita

    कविता – शादी ( Shaadi )    चल रहे है रिश्ते क्यों समझ बात नहीं आती l गृहस्ती रूपी गाड़ी पटरी पर दौड़ी जाती l शादी पवित्र बंधन ये भारत भूमि बतलाती l मित्रता है अस्त्र हमारा दुनिया को सिखलाती l परंपरा संस्कार हमारे दो जीवन मिलवाती l साथी का हाथ न छूटे सात फेरे…

  • कल तक उठा रहे थे जफ़ाओं पे जो सवाल | Zafaon pe Jo Sawal

    कल तक उठा रहे थे जफ़ाओं पे जो सवाल! ( Kal tak utha rahe the zafaon pe jo sawal )   कल तक उठा रहे थे,जफ़ाओं पे जो सवाल ! हैं सामने खुद उनकी वफ़ाओं के ही अमाल !!१ इस पर कहीं हैरत जदा, फिर भी नहीं कोई पहले भी पेश कर चुके हैं वे…

  • ईमान चाहिए | Iman Chahiye

    ईमान चाहिए! ( Iman chahiye )   रहने के लिए सबको मकान चाहिए, रोजी – रोटी के लिए दुकान चाहिए। फिसड्डी बनके घर में बैठना ठीक नहीं, तन मन को भी थोड़ी थकान चाहिए। तलवा चाटते रहना ये ठीक भी नहीं, सच पूछिए शिक्षा की उड़ान चाहिए। एक दिन हमारी साँसों का होगा हिसाब, साक्षी…

  • शादी | Shaadi

    “शादी” ( Shaadi )   आजकल कुछ लड़कियों की अजीब मानसिकता हो गई है, मिस्टर परफेक्ट ढूंढने के चक्कर में कुंवारी बैठी रहती है। कोई 22 से 28 साल की उम्र में शादी करती है, कोई और 5 साल जीवन साथी तलाशने में लगाती है। मुश्किल से 12 से 15 साल साथ निभाती है, 38…

  • सुनो/देखो | Suno

    सुनो/देखो ( Suno/ Dekho)    तुम्हारी याद नहीं ! लगता है ,खंजर आ रही है और मुझे कत्ल कर रहो है कत्ल कर मुझे जिन्दा और व्याकुल लाश बना रही है ये हमारे बीच की दूरी मेरे मौत की वजह बन रही है वो व्याकुलता और वो तड़प, बताओ तुम्हे ये कैसे दिखाएं करीब आओ…