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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Nav Arsh ki pakhi
    पुस्तक समीक्षा

    नवअर्श के पाँखी | पुस्तक समीक्षा

    ByAdmin July 8, 2023

      पुस्तक समीक्षा-  नवअर्श के पाँखी “– नव क्षितिज की तलाश में।* समीक्षक –  प्रो. (डॉ.) विजय महादेव गाडे शोध निर्देशक एवं अध्यक्ष हिन्दी विभाग बाबासाहेब चितळे महाविद्यालय, भिलवडी ता. पलूस, जि. सांगली (महाराष्ट्र) ” रचनाकार की मौलिकता केवल शैली की नवीनता में नहीं,  उसके साथ चिंतन की दिशा और आस्था में भी है।” –             …

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  • Anindh Sundari
    कविताएँ

    अनिंद्य सुंदरी | Anindh Sundari

    ByAdmin July 7, 2023

    “अनिंद्य सुंदरी” ( Anindh Sundari )   सदियों से तुमसे दीप्त सूर्य और प्रदीप्त होकर चांँद भूधर पाकर अपरिमित साहस अवनि अनंत धैर्य उर में धरती है पग धरती हो तुम उपवन में या मन में पुष्पित हो जाती हैं सुप्त कलियां सज जाती हैं मधुरम मंजरियांँ। मुस्कुराने से तुम्हारे फूट पड़ते हैं झरने प्रकृति…

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  • Sawan mein Nahin Aaye Bhartar
    कविताएँ

    सावन में नहीं आए भरतार | Sawan mein Nahin Aaye Bhartar

    ByAdmin July 7, 2023

    सावन में नहीं आए भरतार ( Sawan mein nahin aaye bhartar )   राह तक रही ये अंखियाॅं जो प्रेम दीवानी तेरी, साजन के बिन है अधूरी प्यारी सजनी ये तेरी। तेरे बिना साजन ये सावन लग रहा सूना-सूना, कब आओगे हमें बतादो तड़पे ये चाॅंदनी तेरी।। विरह में ऐसे तड़प रहें जैसे नही बदन…

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  • Bhay
    कविताएँ

    भय | Bhay

    ByAdmin July 7, 2023

    भय ( Bhay )   उथले पानी में तैरे तैरे फिर भी डर कर तैरे पास पड़ी रेत मिली पैरों के धूमिल चिन्ह मिले लहर पानी की जो आई उन चिन्हों को मिटा गई भय के मोहपास के कारण मोती की आशा मिलने की खाली मेरे हाथ रहे कुएं में रहने वाला मेंढक खुद को…

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  • Sawan ka Lehenga
    कविताएँ

    सावन का महंगा लहंगा | Sawan ka Lehenga

    ByAdmin July 6, 2023

    सावन का महंगा लहंगा ( Sawan ka mahanga lehenga )    पिया दिलादो सावन का लहंगा, सस्ता नही थोड़ा सा वह महंगा। आ गया सावन प्रेम का महीना, झमा-झम करता प्यारा महीना।। शादी के बाद यह पहला सावन, दिला दो लहंगा हमें मन-भावन। अब तक पहने घर के ही कपड़े, लहंगे पे साजन मत कर…

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  • Varsha Ritu
    कविताएँ

    वर्षा ऋतु | Varsha Ritu

    ByAdmin July 6, 2023

    वर्षा ऋतु ( Varsha ritu )    रिमझिम फुहारों से दिल फिर खिलेंगे, मेघों के काँधे नभ हम उड़ेंगे। बात करेंगे उड़ती तितलियों से, भौंरों के होंठों से नगमें चुनेंगे। चिलचिलाती धूप से कितना जले थे, मिलकर बरखा से शिकायत करेंगे। पाकर उसे खेत -खलिहान सजते, आखिर उदर भी तो उससे भरेंगे। धरती का सारा…

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  • Ham Sawan na Bhoole
    ग़ज़ल

    हम सावन न भूले | Ham Sawan na Bhoole

    ByAdmin July 6, 2023

    हम सावन न भूले ( Ham sawan na bhoole)    छन्नी कभी तक वो तन न भूले वो ग़म भरा हम सावन न भूले बदला तुझी से लेंगे अदू हम उजड़ा कभी तक गुलशन न भूले सैनिक तुझे मारेगा किसी दिन औक़ात अभी वो दुश्मन न भूले गिनकर अदू लेंगे तुझसे बदला वो खू भरा…

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  • Marriage
    कविताएँ

    कविता शादी | Shaadi par Kavita

    ByAdmin July 6, 2023

    कविता – शादी ( Shaadi )    चल रहे है रिश्ते क्यों समझ बात नहीं आती l गृहस्ती रूपी गाड़ी पटरी पर दौड़ी जाती l शादी पवित्र बंधन ये भारत भूमि बतलाती l मित्रता है अस्त्र हमारा दुनिया को सिखलाती l परंपरा संस्कार हमारे दो जीवन मिलवाती l साथी का हाथ न छूटे सात फेरे…

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  • Zafaon pe Jo Sawal
    ग़ज़ल

    कल तक उठा रहे थे जफ़ाओं पे जो सवाल | Zafaon pe Jo Sawal

    ByAdmin July 6, 2023

    कल तक उठा रहे थे जफ़ाओं पे जो सवाल! ( Kal tak utha rahe the zafaon pe jo sawal )   कल तक उठा रहे थे,जफ़ाओं पे जो सवाल ! हैं सामने खुद उनकी वफ़ाओं के ही अमाल !!१ इस पर कहीं हैरत जदा, फिर भी नहीं कोई पहले भी पेश कर चुके हैं वे…

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  • Iman Chahiye
    कविताएँ

    ईमान चाहिए | Iman Chahiye

    ByAdmin July 5, 2023

    ईमान चाहिए! ( Iman chahiye )   रहने के लिए सबको मकान चाहिए, रोजी – रोटी के लिए दुकान चाहिए। फिसड्डी बनके घर में बैठना ठीक नहीं, तन मन को भी थोड़ी थकान चाहिए। तलवा चाटते रहना ये ठीक भी नहीं, सच पूछिए शिक्षा की उड़ान चाहिए। एक दिन हमारी साँसों का होगा हिसाब, साक्षी…

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