Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • प्यार में अंग अंग है नशीला मेरा 
    शेरो-शायरी

    प्यार में अंग अंग है नशीला मेरा | Poem pyar mein

    ByAdmin September 18, 2020November 5, 2022

    प्यार में अंग अंग है नशीला मेरा  ( Pyar mein ang ang hai nasheela mera )      प्यार में अंग अंग है नशीला मेरा ऐसा काटा निगाहों से उसने यारों   और कोई नजर आता चेहरा नहीं उसके ऐसा चढ़ा है नशा प्यार का   प्यार में अंग अंग है नशीला मेरा ऐसा काटा…

    Read More प्यार में अंग अंग है नशीला मेरा | Poem pyar meinContinue

  • ज़िंदगी भर ज़िंदगी की जुस्तजू की
    शेरो-शायरी

    ज़िंदगी भर ज़िंदगी की जुस्तुजू की | Justuju shayari

    ByAdmin September 18, 2020November 5, 2022

    ज़िंदगी भर ज़िंदगी की जुस्तुजू की ( Zindagi bhar zindagi ki justuju ki )    ज़िंदगी भर ज़िंदगी की जुस्तजू की प्यास से गुज़रे मगर फिर आरज़ू की   मुफ़लिसी में दर बदर फिरते रहे पर आबरू लेकिन नहीं बेआबरू की   मुग्ध हो चेहरा उठा तस्वीर से तब इक मुसव्विर ने जो कॉपी हूबहू…

    Read More ज़िंदगी भर ज़िंदगी की जुस्तुजू की | Justuju shayariContinue

  • मधुरिम अहसास
    कविताएँ

    मधुरिम अहसास | Kavita madhurim ehsaas

    ByAdmin September 18, 2020November 5, 2022

    मधुरिम अहसास ( Madhurim ehsaas )   तुम समझते हो मेरी इस पीर को क्या वह सुखद अहसास बासन्ती सुमन वह कूल कालिंदी कदम तरु का मिलन वह कुछ अनकहे से अनछुये अहसास लेकर आज फिर होगा मिलन आभास लेकर मैं गयी थी तुम न आये रोक पाओगे भला क्या आंख से छलका जो मेरे…

    Read More मधुरिम अहसास | Kavita madhurim ehsaasContinue

  • हाँ  रहेगी ज़ुबां सदा हिंदी i
    शेरो-शायरी

    हाँ रहेगी ज़ुबां सदा हिंदी | Hindi par shayari

    ByAdmin September 17, 2020November 1, 2022

    हाँ रहेगी ज़ुबां सदा हिंदी  ( Han rahegi zuban sada Hindi )    हाँ  रहेगी ज़ुबां सदा हिंदी i की न होगी कभी जुदा हिंदी   राग जैसे बजा हो कानो में प्यार से बोलता रहा हिंदी   इसके हर शब्द में ग़ज़लें कविता तू सुर से सुर ज़रा मिला हिंदी   जो समझ में…

    Read More हाँ रहेगी ज़ुबां सदा हिंदी | Hindi par shayariContinue

  • फिर भी मेरा मन प्यासा
    कविताएँ

    फिर भी मेरा मन प्यासा | Geet mera man pyasa

    ByAdmin September 17, 2020November 1, 2022

    फिर भी मेरा मन प्यासा ( Phir bhi mera man pyasa )      मृगतृष्णा वासना न छूटी छूटी निज जिज्ञासा‌। कितने सरोवर मन में बसते फिर भी मेरा मन प्यासा।‌।   जीवन को ज्वाला में तपते देखा है, लज्जा को घूंघट में सिसकते देखा है, उदर में रखा दूध पिलाया बड़ा किया, उसको भी…

    Read More फिर भी मेरा मन प्यासा | Geet mera man pyasaContinue

  • एक मुहिम चलाऐं
    कविताएँ

    एक मुहिम चलाएं | Positive kavita

    ByAdmin September 17, 2020November 1, 2022

    एक मुहिम चलाएं ( Ek muhim chalaye )      एक मुहिम चलाऐं सबको अपना मीत बनाने की। सब मिलकर शुरुआत करेंगे ऐसी रीत चलाने की।।   बदले वाली भावना सब को, मन से दूर भगानी है। प्रेम बढ़े जिसे आपस में, ऐसी अलख जगानी है।। चाहत मेरी है प्रेम जगाने वाला गीत सुनाने की।…

    Read More एक मुहिम चलाएं | Positive kavitaContinue

  • सफलता हेतु हंसना जरूरी है
    कविताएँ

    सफलता हेतु हंसना जरूरी है | Prerna poem in Hindi

    ByAdmin September 17, 2020November 1, 2022

    सफलता हेतु हंसना जरूरी है ( Safalta hetu hasna zaroori hai ) कठिन परिश्रम से तू ना मुंह मोड़, हंसना भी न छोड़ तू बंदे, हंसना भी ना छोड़। मेहनत करो जी तोड़,बंद राहों को खोल, नफा नुकसान न तोल। टेढ़े-मेढ़े रास्तों को छोड- सीधी सच्ची राह तू पकड़, छोड़ दें अपनी सारी तू अकड़;…

    Read More सफलता हेतु हंसना जरूरी है | Prerna poem in HindiContinue

  • मुहब्बत की मिली ये कब  दवा है
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत की मिली ये कब दवा है | Poetry on muhabbat

    ByAdmin September 17, 2020November 1, 2022

    मुहब्बत की मिली ये कब  दवा है ( Muhabbat ki mili ye kab dava hai )     मुहब्बत की मिली ये कब  दवा है मिली बस नफ़रतों की ही जफ़ा है   मिलें है ग़म मुहब्बत के  वफ़ा में निकलती दिल से आहें अब सदा है   सलामत वो रहे बस हो जहां भी…

    Read More मुहब्बत की मिली ये कब दवा है | Poetry on muhabbatContinue

  • पशीना
    कविताएँ

    पसीना | Paseena par kavita

    ByAdmin September 17, 2020October 29, 2022

    पसीना ( Paseena )    चाहे हो ऋतुराज अथवा सरस सावन का महीना। रक्त जलता है तब बनता है पसीना ।। स्वेद रस में सनके ही रोटी बनी है। ये भवन अट्टालिका चोटी बनी है। वो कुटज में रहता है थक-हार कर। खाली पेट सो गया मन मार कर। रिक्शे की पहिये से पूछो कितना…

    Read More पसीना | Paseena par kavitaContinue

  • अश्कों में भीगी आंखें है!
    शेरो-शायरी

    अश्कों में भीगी आंखें है | Gum shayari in Hindi

    ByAdmin September 17, 2020October 29, 2022

    अश्कों में भीगी आंखें है! ( Ashkon mein bheegi aankhen hai )    अश्कों में भीगी आंखें है! उसकी ही आती यादें है बारिश नफ़रत की रोज यहाँ उल्फ़त की कब बरसातें है ढूढ़ रहा था प्यार वफ़ा जो खोयी मुझसे वो राहें है शब्द नहीं बोले उल्फ़त के तल्ख़ बहुत उसकी बातें है नीद…

    Read More अश्कों में भीगी आंखें है | Gum shayari in HindiContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 798 799 800 801 802 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search