Hindi Kavita

  • कलम की आवाज | Kavita

    कलम की आवाज ( Kalam ki aawaj ) ( मेरी कलम की आवाज सर्वश्रेष्ठ अभिनेता दिलीप साहब जी को समर्पित करती हूं ) “संघर्षों से जूझता रहा मगर हार न मानी, करता रहा कोशिश मगर जुबां पर कभी न आई दर्द की कहानी”। कुल्हाड़ी में लकड़ी का दस्ता न होता तो लकड़ी के काटने का…

  • सड़क सुरक्षा | Kavita

    सड़क सुरक्षा  (Sadak  Suraksha )   अपने और अपने परिवार पर कुछ तो तरस खाइए सड़क पर यूँ लापरवाही से गाड़ी मत चलाइएँ । जिंदगी है अनमोल रत्न इसे व्यर्थ ना गवाइएँ सड़क सुरक्षा नियमों को अपने जीवन में अपनाइए ।।     कुछ नौजवान बिना हेलमेट के गाड़ी चलाते हैं कहते हैं हेल्मेट से…

  • दोहा दशक | Doha Dashak

    दोहा दशक ( Doha Dashak )   फिर  चुनावी  मौसम  में, बारूदी  है  गंध। खबरों का फिर हो गया,मजहब से अनुबंध।   अपनों  से  है  दूरियां,उलझे हैं संबंध। भावों से आने लगी,कड़वाहट की गंध।   ढूंढ़ रहे हैं आप जो,सुख का इक आधार। समझौता  हालात  से, करिए  बारंबार।   उसका ही संसार में,है जीवन अति…

  • उजाले मिट नहीं सकते | Kavita

    उजाले मिट नहीं सकते ( Ujale mit nahin sakte )   हटा लो दीप द्वारे से, उजाले ये नही करते। जला लो मन में दीपों को,उजाले मिट नही सकते। जो जगमग मन का मन्दिर है,कन्हैया भी वही पे है, अगर श्रद्धा भरा मन है, तो फिर वो जा नही सकते। हटा लो दीप द्वारे से,…

  • पहचान | Kavita

    पहचान ( Pehchan )   प्रेम के मोती लुटाओ प्रतिभा कोई दिखाओ पहचान  जग  में  कोई  नई  बनाईए सफलता मिल सके पर्वत भी हिंल सके जंग  भरी  दुनिया  में  हौसला  बनाइए लगन से मेहनत रंग जरूर लाएगी पहचान जग में आप ऐसी बनाईए पूर्वजों की साख में चार चांद लग जाए कर्म  पथ  पर  अपनी …

  • पहली बारिश | Kavita

    पहली बारिश   ( Pehli Baarish )   बचपन की यादों को समेट रही हूं पहली बारिश की यादे सहेज रही हूं बारिश का पानी सखी सहेली कागज की नाव छपाक सी मस्ती बेफिक्र ज़माना वक्त सुहाना हौले हौले से सपने भीग जाना पिता की मुस्कान मां को चिंता पहली बारिश का अहसास अनोखा ना…

  • कुछ अनकही बातें | Kuch Ankahee  Baatein

    कुछ अनकही बातें (Kuch Ankahee  Baatein )   कुछ अनकही बातें, कुछ पुरानी यादें कहां से आती हैं कहां चली जाती हैं कुछ नही समझ आता क्या होता हैं कभी कभी। कुछ अनजान रास्ते और अनजान राहे जाना कहां हैं समझ नही आता बीच राह मैं खड़े खड़े मन बड़ा घबराता रास्ते पर खड़े खड़े…

  • दीप जलाने होंगे | Kavita

    दीप जलाने होंगे ( Deep jalane honge )   दीप  जलाने  होंगे  जोत जलानी होगी शारदे दरबार तेरे अलख जगानी होगी   सिर पर रख दो हाथ मां भर दो भंडार मां शब्द सुमनहार मैया कर लो स्वीकार मां   वीणा वरदायिनी मोहक सुभाषिनी बुद्धि विधाता वाणी मां प्रज्ञादायिनी   लेखनी में भाव भर शब्द…

  • महारानी लक्ष्मी बाई | Maharani Laxmi Bai Par Kavita

    महारानी लक्ष्मी बाई ( Maharani Laxmi Bai )   आजादी की चिंगारी थी बैरियों पर भारी थी गोरों के छक्के छुड़ाए लक्ष्मी वीर नारी थी   तेज था तलवारों में ओज भरा हूंकारों में रणचंडी पराक्रमी हजारों पर भारी थी   क्रांति काल की कहानी वो झांसी की महारानी बिगुल बजाया रण का राष्ट्र पुजारी…

  • मेरा बचपन | Poetry On Bachpan

    मेरा बचपन ( Mera bachpan)   वो रह रह कर क्यों याद आता है मुझे वो मेरा बचपन जो शायद भूल मुझे कहीं खो गया है दूर वो मेरा बचपन… वो पापा की बातें मम्मी का झिड़कना इम्तिहान के दिनों में मेरा टीवी देखने को ज़िद करना…. कितना मासूम था भोला था वो कितना न…