वादियों में गुलाब ढूंढ़ू मैं
( Wadiyon mein gulab dhoondu main )
वादियों में गुलाब ढूंढ़ू मैं !
वो हंसी सा शबाब ढूंढ़ू मैं
भूलने को यादें किसी की जो
हर गली में शराब ढूंढ़ू मैं
दें वफ़ा जो सदा मुहब्बत में
कोई ऐसा ज़नाब ढूंढ़ू मैं
दें हंसी जो मेरे लबों को ही
नींदों में ही वो ख़्वाब ढूंढ़ू मैं
दें सकूं जो मेरे हमेशा ही
रोज़ ग़म का हिसाब ढूंढ़ू मैं
हाल दिल का न पूछ आज़म का
प्यार की वो क़िताब ढूंढ़ू मैं
️
शायर: आज़म नैय्यर
(सहारनपुर )
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