Author: Admin

  • लड़की होना सज़ा क्यूं है | Ladki Hona

    लड़की होना सज़ा क्यूं है ( Ladki hona saza kyun hai )    ऐ ख़ुदा लड़की होना गुनाह है क्या …? इस दुनिया में आकर कुछ करने का ख्वाब देखना सजा क्यूं है? लड़कों से आगे बढ़ना मंजूर क्यूं नहीं है। शिकायतों-सा पहाड़ लेकर बैठना आजादी क्यूं है? ऐ ख़ुदा जुनुन से मंजिल पाना गुनाह…

  • भाई की ताक़त | Bhai ki Takat

    कहा जाता है भाई ताकत है । भाई शक्ति है । यदि भाई साथ है तो आप पूरी दुनिया को जीत सकते हैं। यदि भाई साथ नहीं है तो आप पूरी दुनिया से हार जाते हैं। अयोध्या में राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न चार भाई थे। चारों भाइयों का पालन पोषण बड़े ही लाड प्यार से…

  • संकेत | Sanket

    संकेत ( Sanket )    बेहतर है कल के लिए कल को भुला देना कल की संभावनाओं मे आज को बांधा नही करते.. मान लो की वह एक मौका था उनको समझ लेने का अब आपको ही अपनी समझ से आगे का सफर तय करना है… बीते का तो केवल पदचिन्ह ही शेष है आपके…

  • खूबी मां की | Maa par Kavita in Hindi

    खूबी मां की ( Khoobi maa ki )   मां तेरे आँचल में, हर पल सलोना देखा है। मार कर मुझे, तुझको रोता मैंने देखा है। डांटना तो बस, तेरा नाराजगी जताने का, प्यारा तरीक़ा है, देती खुशियां ही खुशियां, क्या??? तू कोई फरिश्ता है। Phd करके भी तू, क्या?? गिनती भूल जाती है। मांगता…

  • अहिल्या | Ahilya

    रूप सौंदर्य की प्रति मूर्ति है अहिल्या। अहिल्या के सौंदर्य को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उसका विवाह गौतम ऋषि के साथ हुआ था। कहा सौंदर्य की प्रति मूर्ति और कहा ऋषि महर्षि। कोई मेल नहीं खाता था। एक बार देवराज इन्द्र की उस पर पड़ी तो वह उसके सौन्दर्य को निहारता ही…

  • बारहमासी प्यार | Barahmasi Pyar

    बारहमासी प्यार ( Barahmasi pyar )   कभी चैत्र- बैसाख की पवित्र गरिमा लिये कभी गर्म लू सी ज्येष्ठ- आषाढ़ की तपन लिये कभी सावन-भादों सी छमाछम पावस की बूंदें लिये कभी त्योहारों सी आश्विन-कार्तिक के मीठे नमकीन लिये कभी मार्गशीर्ष-पौष की कड़कड़ाती रातों की सर्दी लिये कभी माघ- फाल्गुन की रंगीन बहारों के रंग…

  • हमारी भारत माता | Hamari Bharat Mata

    हमारी भारत माता ( Hamari bharat mata )   हे भारत माता कैसे करें तुम्हारा यश गान, विश्व धरा पर चहुं ओर है तुम्हारी कीर्ति और सम्मान। गंगा मईया से सिंचित भूमि पर जब फसलें लहराती हैं, देखकर इनको कृषकों के चेहरे पर खुशियां छा जाती हैं। संस्कारों और संसाधनों से परिपूर्ण है मेरा भारत…

  • सारथी | Sarathi

    सारथी ( Sarathi )    यूं ही गुजरते रहेंगे दिन महीने साल लेते रहिए वक्त का भी हाल चाल लौट कर न आएं कहीं फिर दिन वही कहना न फिर किसीने कहा नही आंख मूंद लेने से कुछ बदलता नही कौन कहता है वक्त फिसलता नही कैसे कहूं मैं तुम्हे आज शब्दों मे खुले करो…

  • मां | Maa par Laghukatha

    एक विद्यालय में महिला अभिभावक अपने बच्चों के एडमिशन के लिए आई वह प्रधानाचार्य जी से कहे जा रहे थी -“देखिए यह सामने दरवाजा लगा दीजिएगा । वह बाहर साइड में बच्चा ना जाने पाए । मैडम जी! यह बच्चा हमें बहुत समय बाद पैदा हुआ है । इसे मैं गली में भी नहीं खेलने…

  • माँ क़रीब है यहाँ | Maa Kareeb hai Yahan

    माँ क़रीब है यहाँ ( Maa kareeb hai yahan )    न कोई मेरे माँ क़रीब है यहाँ सभी इस नगर में रकीब है यहाँ किसी पर यहाँ तो यकीन हो न हो न माँ से ही अच्छा हबीब है यहाँ सभी माँ अधूरे वफ़ा मुहब्बत से ऐसा कौन जो खुशनसीब है यहाँ ख़ुदा से…