Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Lagam Nahin hai
    कविताएँ

    लगाम नहीं है | Lagam Nahin hai

    ByAdmin June 4, 2023

    लगाम नहीं है! ( Lagam nahin hai )    है वो वनवास में लेकिन राम नहीं है, बांसुरी बजाता है लेकिन श्याम नहीं है। किराये के मकान में हम रहते हैं सभी, पर आज की हवाओं में पैगाम नहीं है। इंसानों के जंगल में बसंत नहीं आता, क्योंकि वन की कटाई पे लगाम नहीं है।…

    Read More लगाम नहीं है | Lagam Nahin haiContinue

  • Dupahari Jeth ki
    कविताएँ

    दुपहरी जेठ की | Dupahari Jeth ki

    ByAdmin June 4, 2023

    दुपहरी जेठ की ( Dupahari Jeth ki )    जेठ की दुपहरी नंगे पांव चलती है, जड़ हो चेतन सभी को ये खलती है। सूख जाता है तब नदियों का पानी, गरम -गरम लू चहुँ ओर चलती है। बेचारे परिन्दे बुझायें प्यास कहाँ, तवे की तरह धरती खूब तपती है। झुलस जाता है कलियों का…

    Read More दुपहरी जेठ की | Dupahari Jeth kiContinue

  • भारत गौरव काव्य श्री सम्मान से सम्मानित हुएं कवि उदय
    साहित्यिक गतिविधि

    भारत गौरव काव्य श्री सम्मान से सम्मानित हुएं कवि उदय

    ByAdmin June 3, 2023

    भारत गौरव काव्य श्री सम्मान” से सम्मानित हुएं अराॅंई के सैनिक कवि उदय चार वर्ष पहले ही अपनें देहदान की घोषणा कर चुके सैनिक कवि गणपत लाल उदय अजमेर राजस्थान के गाॅंव अराॅंई के निवासी है जिन्होंने देश सेवा के साथ- साथ मातृभाषा हिन्दी में अनेंक रचनाएं रचकर हिन्दी में महारत हासिल किया है। आप…

    Read More भारत गौरव काव्य श्री सम्मान से सम्मानित हुएं कवि उदयContinue

  • Sansmaran Covid-19 par
    उपन्यास

    संस्मरण COVID-19 पर | Sansmaran Covid-19 par

    ByAdmin June 3, 2023

    मेंरी कम्पनी की डयूटी शहर में लाॅकल स्टैट पुलिस के साथ आंतरिक सुरक्षा की थी। लाॅकडाउन लगा हुआ था सभी जवान हमारी डयूटी के अलावा हमारे कमांडेंट महोदय के आदेश से गरीब/असहाय लोगोें की मदद में लगे हुएं थें। जिसमें खाना, मास्क और दवाइयाँ बाॅंटने में बढ-चढ़ कर अपना-अपना सहयोग कर रहें थें जिसमें मैं…

    Read More संस्मरण COVID-19 पर | Sansmaran Covid-19 parContinue

  • काव्य के स्वर्णिम अक्षर | Kavya ke Swarnim Akshar
    पुस्तक समीक्षा

    काव्य के स्वर्णिम अक्षर | Kavya ke Swarnim Akshar

    ByAdmin June 2, 2023June 2, 2023

    काव्य के स्वर्णिम अक्षर ( पुस्तक समीक्षा )    अभिव्यक्ति को दर्शाती पुस्तक “काव्य के स्वर्णिम अक्षर” काव्य संग्रह के प्रणेता बहुआयामी प्रतिभा के धनी सुविज्ञ कवि रमाकांत सोनी सुदर्शन को सादर अभिनंदन! ‘काव्य के स्वर्णिम अक्षर’ पुस्तक संकल्प साधना, आराधना, सम्यक्त विचार, गीत, गजल, दोहे, छंद, कुंडलिया आदि समरसता का एक अनुपम गुलदस्ता है…

    Read More काव्य के स्वर्णिम अक्षर | Kavya ke Swarnim AksharContinue

  • Tum ek Nazm hi Sahi
    शेरो-शायरी

    तुम एक नज़्म ही सही | Tum ek Nazm hi Sahi

    ByAdmin June 2, 2023July 20, 2023

    तुम एक नज़्म ही सही ( Tum ek nazm hi sahi )    तुम एक नज़्म ही सही मेरी किताब में तो सजी हो मेरी लबों पर लरज़ती कभी आंखों से गुजरती तो हो मेरी दिल ही में गुनगुनाता हूं उंगलियां सहलाती तो है मेरी रू ब रू न सही रूह में नजर आती तो…

    Read More तुम एक नज़्म ही सही | Tum ek Nazm hi SahiContinue

  • Kanhaiya Padharo hamare Angana
    कविताएँ

    कन्हैया पधारो हमारे अंगना | Kanhaiya Padharo hamare Angana

    ByAdmin June 2, 2023

    कन्हैया पधारो हमारे अंगना ( Kanhaiya padharo hamare angana )   कन्हैया पधारों आप हमारे भी अंगना, शांति-समृद्धि की दे हमें शुभ कामना। कही भटक न जाएं हम गलत राह पर, शरण मे रखना एवं हमको ना ‌भूलना।। सारे जग के कान्हा तुम हो प्यारे-प्यारे, दिलों में बसे हो बुड्ढे बच्चें जवान सारे। तुझे सांवरिया…

    Read More कन्हैया पधारो हमारे अंगना | Kanhaiya Padharo hamare AnganaContinue

  • Mohabbat kyon Jalate ho
    शेरो-शायरी

    मोहब्बत क्यों जलाते हो | Mohabbat kyon Jalate ho

    ByAdmin June 2, 2023

    मोहब्बत क्यों जलाते हो ( Mohabbat kyon jalate ho )   मोहब्बत में मोहब्बत को क्यों जलाते हो एक बार मिलने क्यों नहीं आ जाते हो। दिल रो रहा हमारा अपना भी रुलाते हो इतनी दूरियां बढ़ाकर क्या मजा पाते हो। ये दूरियां कैसी तेरी मजबूरियां कैसी कसूर क्या है हमारा क्यों नहीं बताते हो।…

    Read More मोहब्बत क्यों जलाते हो | Mohabbat kyon Jalate hoContinue

  • Pakshi par Kavita
    कविताएँ

    सोच कर देखो | Pakshi par Kavita

    ByAdmin June 1, 2023

    सोच कर देखो ( Soch kar dekho ) पक्षी पर कविता   किसी आशियाना को कोई कब तक बनाएगा, जब उखाड़ फेंकने पर कोई तुला हो, बाग बगीचा वन उपवन को छिन्न-भिन्न कर हमें बसाना कौन चाहता है? आज कल वह कौन है जो पेड़ लगाने वाला कोई मिला हो, सुबह होते ही हम कलरव…

    Read More सोच कर देखो | Pakshi par KavitaContinue

  • Yadi Hota Nabh ka Panchhi main
    कविताएँ

    यदि होता नभ का पंछी मैं | Yadi Hota Nabh ka Panchhi main

    ByAdmin June 1, 2023

    यदि होता नभ का पंछी मैं  ( Yadi hota nabh ka panchhi main )    यदि होता नभ का पंछी मैं दूर गगन उड़ जाता, नन्हें नन्हें उड़-पंखों से गगन घूम कर आता। फुदक फुदक कर खुशियों मन से चीं- चीं चूं- चूं गाता ऊपर नीचे कभी झुण्ड में उड़ता ही रह जाता। कोई आता…

    Read More यदि होता नभ का पंछी मैं | Yadi Hota Nabh ka Panchhi mainContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 449 450 451 452 453 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search