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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Zid Shayari
    ग़ज़ल

    वो नहीं ज़िद ठानता | Zid Shayari

    ByAdmin April 5, 2023July 5, 2023

    वो नहीं ज़िद ठानता ( Wo nahi zid thanta )    वो नहीं ज़िद ठानता तो मुख़्तलिफ हालात होते इस चमन में ग़ुल भी खिलता महकते लम्हात होते। अब बहुत ही मुख़्तसर सी गुफ़्तगू होती हमारी दिन हुए कुछ इस तरह रस्म़न ज़रा सी बात होते। जीतने की थी हमें आदत मगर अब हाल है…

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  • Ram Naam ka Vriksh
    कविताएँ

    राम नाम का वृक्ष लगाओ | Ram Naam ka Vriksh

    ByAdmin April 5, 2023

    राम नाम का वृक्ष लगाओ ( Ram naam ka vriksh lagao )    राम-नाम का वृक्ष लगाओ अपनें मन के भीतर, साफ स्वच्छ मन को रखों और प्यारा दो उत्तर। जन्म मरण तो अटल है सत्य कोई इससे न डर, फिर देखो यें जीवन तुम्हारा हो जाएगा बेहतर।। रहें सर्वदा सच के साथ चाहें कोई…

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  • Tum Paras ho
    कविताएँ

    तुम जादुई इक पारस हो | Tum Paras ho

    ByAdmin April 5, 2023

    तुम जादुई इक पारस हो ( Tum jadui eik paras ho )    मैं मामूली इक कंकड़ हूं तुम जादुई इक पारस हो। मैं खट्टा मीठा स्वाद सही, तुम काव्य का नवरस हो। मैं अनाड़ी हूं प्यारे, तुम काव्य के बड़े खिलाड़ी हो। मैं जोधपुरी साफा ही सही, तुम बनारसी साड़ी हो। मैं शब्दाक्षर का…

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  • Poem Main bhi Chaahunga
    शेरो-शायरी

    मैं भी चाहूंगा | Poem Main bhi Chaahunga

    ByAdmin April 5, 2023April 13, 2023

    मैं भी चाहूंगा ( Main bhi chaahunga )   कि इन सब बातों की नहीं है उम्र अब मेरी, मुझे कुछ लोग कहते हैं, मगर हसीं चेहरों पे मिटने को तैयार होना, मैं भी चाहूंगा… लानत है किसी दौलतमंद, रसूखदार का दरबान होने पेे, किसी मज़लूम, किसी बेबस का पहरेदार होना, मैं भी चाहूंगा.. कभी…

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  • Mann ki Tahen
    कविताएँ

    आओ खोलें मन की तहें | Mann ki Tahen

    ByAdmin April 5, 2023

    आओ खोलें मन की तहें ( Aao khole mann ki tahen )    आओ खोले मन की तहें कुछ सुने कुछ कहें खोल दे गांठे हम भी दर्द मन के जो दबे रहे इक दूजे के दुख बांटे पीर मन की सब कहे अंतर्मन में व्यथा दबाए चिंताओं में क्यों रहे सुख-दुख धूप छांव से…

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  • Pagdi par Kavita
    कविताएँ

    पगड़ी | Pagdi par Kavita

    ByAdmin April 5, 2023

    पगड़ी ( Pagdi )    आन बान शान है पगड़ी स्वाभिमान पगड़ी है। लहरिया की तान पगड़ी दीन ईमान पगड़ी है। आदमी यश इज्जत पगड़ी राजाओं की शान है। मर्यादा मान और प्रतिष्ठा घट घट में हिंदुस्तान है। भामाशाह की जान पगड़ी योद्धाओं का मान है। रणभूमि कूद पड़े जो रणधीरों का गुणगान है। वैभव…

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  • Jeevan Sara
    कविताएँ

    जीवन सारा बीत गया | Jeevan Sara

    ByAdmin April 5, 2023

    जीवन सारा बीत गया ( Jeevan sara beet gaya )    बीत गई वो भोर सुहानी सुंदर सब शामें बीत गई जीवन ये सारा बीत गया सांसे डोर थामे बीत गई बीत गई वो मस्त बहारें रैना अंधियारी बीत गई उमड़ा आता प्रेमसागर वो बातें सारी बीत गई बीत गए वो ख्वाब सुरीले नयनों की…

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  • Milne Aaya Beta
    कविताएँ

    अंतिम बार मिलने आया बेटा वृद्धाश्रम | Milne Aaya Beta

    ByAdmin April 5, 2023

    अंतिम बार मिलने आया बेटा वृद्धाश्रम ( Antim baar milne aaya beta vraddhashram )    अंतिम बार मिलने आया बेटा वृद्धाश्रम में यारों अपनी मां का कंगन चुराने के लिए बेच चुका है जमीन गहने घर के अब वो सारे घड़ियाली आंसू आज मां को दिखाने के लिए लाखों कमाया है जो धन बेईमानी का…

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  • Beta kab aayega tu
    गीत

    बेटा कब आएगा तू | Beta Kab Aayega

    ByAdmin April 5, 2023April 5, 2023

    बेटा कब आएगा तू ( Beta kab aayega too )    घर की चौखट तुझे पुकारे, पूछ रही तुमको दीवारें। आंगन सारा चिल्लाता है, कहां गए हैं नैनो के तारे। लौट आओ लाठी के सहारे मुरझाई आंखें ढूंढ रही, निज कलेजे के टुकड़े प्यारे। हाथों से पाला जिनको, सब कुछ जिनपे हमने वारे। बेटा कब…

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  • Armaan ne Machalna
    गीत

    अरमां ने मचलना छोड़ दिया | Armaan ne Machalna

    ByAdmin April 4, 2023

    अरमां ने मचलना छोड़ दिया ( Armaan ne machalna chod diya )    यूं अपनों ने मुंह मोड़ लिया, रिश्तो नातों को तोड़ दिया। अरमां ने मचलना छोड़ दिया, रिश्तों ने रुख मोड़ लिया। अरमां ने मचलना छोड़ दिया चमन में कलियां सुस्त हुई, मुरझाए फूल पड़े सारे। दिल के तारों की धड़कने, सुर भूल…

    Read More अरमां ने मचलना छोड़ दिया | Armaan ne MachalnaContinue

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