• सात्विक गौरव के है ये पल

    सात्विक गौरव के है ये पल निशांत बच्छावत के 16 वाँ जन्मदिन पर मेरे भाव- पूर्वजों के पुण्य – पुंज और आशिर्वाद के निहितार्थ वात्सल्यमय निशांत के जन्मदिन के शुभ – दिवस पर उसको स्नेहासिक्त जीवन के “प्रदीप “ पाने की शुभकामनाएँ । सात्विक गौरव के है ये पलपुरुषार्थ का मिला जो सुफलव्यक्तित्व द्वय को…

  • सुरेन्द्र पाल जी की स्मृति में

    सुरेन्द्र पाल जी की स्मृति में जब दिल पत्थर हो जाएहंसते खेलते रोना आ जाएमानवीय भावनाएहमें जीवित रखने के लिएकभी डिफ़ाल्ट होना पड़ जाएहंसते खेलते रोना आ जाएजब दिल पत्थर हो जाए। पाल सर कभी खुशीयों की ताली बजवाते थेमानवता और प्रेम का हमेशा पाठ पढ़ाते थेहार को जीवित रखो विजय पथ पर बढ़ाते थेकितनों…

  • बहु पढ़ाओ : ससुराल बचाओ

    जिसने धरती आकाश दियाजिसने हर मानव को सम्मान दिया उस परमपिता परमेश्वर का वंदन है अभिनंदन है। आज मैं जब सुबह उठी तो बहुत सारे प्रश्न एक साथ मुझे उद्वेलित कर रहे थे इनका समाधान खोजना अत्यंत आवश्यक है यदि हम देश के निर्माण में अपने जीवन का एक छोटा सा अंश भी देना चाहते…

  • हमने देखा है | Humne Dekha Hai

    हमने देखा है मुस्कुराते गुलाब की मानिंद।हर ख़ुशी है शराब की मानिंद। हमने देखा है ग़ौर से इसको।ज़िन्दगी है ह़बाब की मानिंद। धुन है गर आसमान छूने की।बनिए ज़िद्दी उ़क़ाब की मानिंद। कैसे ढालूं मैं हाय रे ख़ुद को।चश्मे-जानां के ख़्वाब की मानिंद। कोई सानी ही जब नहीं उनका।किसको लिक्खूं जनाब की मानिंद। मिल न…

  • नज़र ने बोल दिया

    नज़र ने बोल दिया नज़र ने बोल दिया बू-ए-हाथ से पहलेन जाने किस से मिला है वो रात से पहले वो मेरे साथ ही ग़मगीन सा नज़र आयाजो हँस रहा था बड़ा मेरे साथ से पहले मुझे लगा ही था ये बात होने वाली हैसो देखना था तेरा हाल बात से पहले ख़बर बुरी ही…

  • वो मिलें जो मुझे | Wo Mile jo Mujhe

    वो मिलें जो मुझे हो गई आँख़ नम फिर हँसाने के बाद ।वो मिलें जो मुझे इक ज़माने के बाद ।।१ गीत जिनकी विरह में लिखे थे कभी ।दौड़ आए वही गुनगुनाने के बाद ।।२ खुश बहुत था जिन्हें साथ पाकर यहाँ ।चल दिए आज वो जुल्म़ ढा़ने के बाद ।।३ क्या क़मी थी वफ़ा…

  • हमको नसीब अपना यहाँ ग़मज़दा मिला

    हमको नसीब अपना यहाँ ग़मज़दा मिला हमको नसीब अपना यहाँ ग़मज़दा मिलाहर रोज़ इक नया ही हमें मसअला मिला उल्फ़त कहाँ थी अपनों से तेग़-ए-जफ़ा मिलाचाहत बहुत थी यार न हर्फ़-ए-दुआ मिला नालायकों को जब किया घर से है बेदखलअपना ही ख़ून हमको ये फिर चीख़ता मिला बूढ़े शजर को छोड़ के सब लोग चल…

  • जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए

    जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए हम क्या ह़रीमे-नाज़ से कुछ दूर हो गए।जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए। सब इ़ज्ज़ो-इन्किसार ही काफ़ूर हो गए।मसनंद नशीं वो क्या हुए मग़रूर हो गए। बेचैन उनके इ़श्क़ ने इतना किया के बस।हम उनसे बात करने को मजबूर हो गए। वो संग थे यूं…

  • उम्मीद एक परिंदा है | एमिली डिकिन्सन

    उम्मीद एक परिंदा है उम्मीद एक परिंदा हैजिसका रूह में बसेरा हैबिन शब्दों के एक धुन गाता हैऔर जो कभी थमता नहीं, बिल्कुल भी और तूफ़ानों में भी सबसे मधुर सुनाई देती हैऔर भयंकर होना चाहिए तूफ़ानजो इस नन्हे परिंदे को हतोत्साहित कर सकेजिसने बहुतों को रखा ऊर्जावान मैंने इसे सुना सर्द जमीं परऔर अजनबी…

  • दुश्मनी अपनी भी तो पुरानी नहीं

    दुश्मनी अपनी भी तो पुरानी नहीं दुश्मनी अपनी भी तो पुरानी नहींबात ये और की उसने मानी नहीं मत कहो प्रेम की अब कहानी नहींसेतु वो प्रेम की क्या निशानी नहीं इश्क़ में चोट अब मुझको खानी नहींरात करवट में सारी बितानी नहीं जिस तरह बाप से बात करते हैं वेयूँ समझ आँख में आज…