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Monthly Archives: March 2021

prem ki holi | प्रेम की होली

प्रेम की होली ( Prem Ki Holi )   खेलेंगे हम प्रेम की होली। अरमानों की भरेगी झोली। खुशियों की बारात सजेगी, बिगड़ी सारी बात बनेगी। नोंक-झोंक कुछ हल्की-फुल्की, होगी हॅंसी-ठिठोली। खेलेंगे हम...

Kavita | होली | Holi Par Kavita

होली ( Holi )   फागुन  के  दिन थोडे रह गए,  मन में उडे उमंग। काम काज में मन नाहि लागे,चढा श्याम दा रंग।   रंग  बसन्ती  ढंग बसन्ती, तोरा...

दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई | Ghazal

दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई ( Dil Mein Hamare Aap Ki Surat Utar Gai )   दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई...

Kavita | भूख

भूख ( Bhookh ) चाहे हो दु:ख लाख पालो भूख आप बढ़ने की पढ़ने की आसमां छूने की। भूख बड़ी चीज़ है! भूख ही नाचीज़ को चीज बनाती है वरना यह दुनिया...

Essay In Hindi | होली पर निबंध

होली ( Holi : Essay In Hindi ) भूमिका (Introduction) - होली का त्योहार वसंत ऋतु महीने में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली एक ऐसा...

Ghazal | भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है

भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है ( Bhigi Si Ashkon Se Dil Ki Zameen Hai )     भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है! यें ...

Ghazal | बर्बादियों का ग़म न शिकवा बेवफाई का

बर्बादियों का ग़म न शिकवा बेवफाई का (Barbadiyon Ka Gham Na Shikwa Bewafai Ka)   बर्बादियों  का  ग़म न शिकवा बेवफाई का। हमको मिला है ये सिला तो...

हमारी बेवकूफियां | Kavita

हमारी बेवकूफियां ( Hamari Bewakoofiyaan )   सचमुच कितने मूर्ख हैं हम बन बेवकूफ हंसते हैं हम झांसा में झट आ जाते हैं नुकसान खुद का ही पहुंचाते हैं सर्वनाश देख...

Ghazal | दुर जब से ख़ुशी के साये हो गये

दुर जब से ख़ुशी के साये हो गये ( Door Jub Se Khoosi Ke Saye Ho Gaye )   दुर जब से ख़ुशी के साये हो गये! जख़्म...

Kavita | मीन और मीना की जिंदगी : एक जैसी

मीन और मीना की जिंदगी : एक जैसी ( Meen Aur Meena Ki  Jindagi : Ek Jaisi ) *********** जल की रानी कह लोग- जल से खींच लेते...