समुन्दर खुमार का | Ghazal samundar khumar ka

समुन्दर खुमार का ( Samundar khumar ka )   पलकों पे छुपा है जैसे कुछ,समुन्दर खुमार का। कितना अजब नशा है दिलवर के, इन्तजार का।   ख्वाबों में माँगते है...

जख्म है दर्द है तन्हाई है

जख्म है दर्द है तन्हाई है   जख्म है दर्द है तन्हाई है। न जाने कब मेरी सुनवाई है।। रात को चैन से सो लेती है, मुझसे अच्छी मेरी...

यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की | Ghazal aarzoo

यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की ( Yahan roz jiski bahut aarzoo ki )     यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की  उसी की बहुत कू ब कू जुस्तजू...

Ghazal नहीं तिरछी नज़र जैसा कोई भी वार दुनिया में

नहीं तिरछी नज़र जैसा कोई भी वार दुनिया में ( Nahi Tirchi Nazar Jaisa Koi Bhi War Duniya me )   कलेजा  चीरने  वाले  बहुत  हथियार  दुनिया...

इन्तिज़ार से थका लौटकर | Nazm shayari

इन्तिज़ार से थका लौटकर      इन्तिज़ार से थका लौटकर फिलहाल में आ चूका हूँ किसीको अनदेखा कर किसीके विशाल में आ चूका हूँ   ये दास्ताँ कभी ख़त्म नहीं...

दिल अपना ग़रीब है

दिल अपना ग़रीब है     ख़ुशी से दिल अपना ग़रीब है कब दिल अपना खुशनसीब है   गिला क्या करुं ग़ैर से भला यहां तो अपना ही रकीब है   किसे मैं...

आज पीते शराब देखा है | Sharab shayari in Hindi

आज पीते शराब देखा है ( Aaj peete sharab dekha hai )     जो नहीं  है  नसीब में  मेरे रात भर उसका ख़्वाब देखा है   रोज दीदार को तरसे...

करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है | Hum to bache...

करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है ( Karte roz shararat hum to bache hai )     करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है दिल से ही हम...

ऐसे बहाने ढूंढ़ता हूं

ऐसे बहाने ढूंढ़ता हूं   वो हंसी आज़म इशारे  ढूंढ़ता हूं! प्यार के ऐसे बहाने ढूंढ़ता हूं   दें रवानी प्यार की ख़ुशबू हमेशा प्यार के ऐसे नजारे ढूंढ़ता हूं   जो...

प्यार अब कहाँ ये नयी शाम है | Ghazal

प्यार अब कहाँ ये नयी शाम है ( Pyar ab kahan ye nayee shaam hai )   प्यार अब कहाँ ये नयी शाम है नफ़रतों की पुरानी अभी...