देखना तब कमाल होली का
देखना तब कमाल होली का

देखना तब कमाल होली का

( Dekhna Tab Kamal Holi Ka )

 

देखना तब कमाल होली का
जब उड़ेगा गुलाल होली का

 

प्यार पहले सा क्यों नहीं दिल में
है  ये  ही  अब  सवाल  होली का

 

झूम जायेंगी ये फिज़ायें भी
जब मचेगा धमाल होली का

तोड़ दे मज़हबों की बंदिश को
रंग  सब पर  उछाल होली का

यूँ तो त्यौहार हैं बहुत लेकिन
है ,अलग ही जमाल होली का

हर तरफ़ शोर ढोल बाजों का
है, दिलों  में  उबाल होली का

याद  करने  लगा हैं यारो को
देखकर दिल बवाल होली का

राम को लुत्फ़ ईद में आया
तू मज़ा ले बिलाल होली का

साल  में  एक  बार आता है
पर्व  ऐसे  न  टाल होली का

काम  से  आज  ले “अहद”छुट्टी
वक्त कुछ तो निकाल होली का !

?

शायर:– अमित ‘अहद’

गाँव+पोस्ट-मुजफ़्फ़राबाद
जिला-सहारनपुर ( उत्तर प्रदेश )
पिन कोड़-247129

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