मुर्दे की अभिलाषा

मुर्दे की अभिलाषा | Kavita Murde ki Abhilasha

मुर्दे की अभिलाषा

( Murde Ki Abhilasha )

 

लगी ढ़ेर है लाशों की
टूट चुकी उन सांसों की
लगी है लंबी कतार,
बारी अपनी कब आएगी?
कब खत्म होगा इंतजार?
जीवन भर तो लगे ही लाईन में,
अब लगे हैं श्मशान में।
हे ईश्वर!
मानव जीवन कितना कष्टमय है?
जीवन तो जीवन मृत्यु पर भी भय है!
नहीं चाहते ऐसा जीवन आगे से से से ईश्वर!
श्वान खग मृग लोमड़ी बनाना,
हम पर अति कृपा करना;
पर मानव न बनाना?
जहां पड़ता है मुर्दों को भी लाईन लगाना!

नवाब मंजूर

लेखकमो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें : – 

Kavita Corona se Ladne ka Upay | कोरोना से लड़ने का उपाय

 

 

Similar Posts

  • वाहवाही लूटने लगे | Kavita vaahavaahi lootane lage

    वाहवाही लूटने लगे ( Vaahavaahi lootane lage )   छा गए बड़े मंच पर लेकर शब्दों के माया जाल। हथकंडों से शोहरत पा छवि बनाई बड़ी कमाल।   वाकपटुता के माहिर हो वाह वाही लूटने लगे। प्रसिद्धि के चक्कर में तार दिलों के टूटने लगे।   अपार जनसमूह सारा चलती हास्य की फुहार। व्यंग्य बाण…

  • रिश्ते | Rishtey par kavita

    रिश्ते ( Rishtey )    खामोशियों से रुकसत हो जाते हैं हर रिश्ते, अगर चुपचाप रहोगे गूंगे हो जाते है हर रिश्ते। कभी कभी बेमतलब ही बात कर लिया करो, बने रहेंगे हमेशा सदा तुम्हारे अपने हर रिश्ते।।   बनाने से बन जाते हैं इस दुनिया में रिश्ते, बिगाड़ने से बिगड़ जाते हैं दुनिया में…

  • कुदरत की आवाज | Kavita Kudrat ki Aawaj

    कुदरत की आवाज ! ( Kudrat ki aawaj )   कुदरत से छल करके कहाँ जाओगे, बहाया उसका आँसू तो बच पाओगे? कुदरत का सिर कुचलना मुनासिब नहीं, बचाओगे उसको तो दुआ पाओगे। जोशीमठ में जो मची है हाय – तौबा, क्या फजाओं को फिर से हँसा पाओगे? काटा पहाड़, बनाई हाट, सुरंग,सड़क, क्या फिर…

  • रख | Kavita

    रख ( Rakh : Hindi Kavita  )   खुशियो भरा पिटारा रख । दिल मे जज्बा प्यारा रख ।। तुझे अकेले चलना है । आगे एक सितारा रख ।। मन मे हो मझधार अगर । अपने साथ किनारा रख ।। धुन्धले पन के भी अंदर । सुंदर एक नजारा रख ।। दुनिया से जो भिड़ना…

  • घर होना चाहिए | Pome in Hindi on Ghar

    घर होना चाहिए! ( Ghar hona chahiye )    घर चाँदी का हो या माटी का, घर होना चाहिए, परिंदा जमीं पे रहे या आसमां,पर होना चाहिए। जिन्दगी जहाँ नहीं मुस्काती वो बेचारे क्या करें? वहाँ भी मुंबई के जैसा शहर होना चाहिए। दुनिया है फानी सिर्फ पैसे के पीछे मत भागो, करो कुछ देश…

  • नववर्ष की मस्ती | Nav Varsh ki Masti

    नववर्ष की मस्ती ( Nav Varsh ki Masti )   चल यार अब नव-वर्ष का स्वागत कर लेते है, ज्यादा नही तो हम थोड़ी-थोड़ी ही ले लेते है। झूम ले व नाच ले थोड़ा मनोरजंन कर लेते है, ये रम-विस्की नही तो दो बीयर ही ले लेते है।। फिर खाएंगे खाना फाइवस्टार होटल चलकर, जहां…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *