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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मतदान करो
    शेरो-शायरी

    मतदान करें | Nazm Matdan Karo

    ByAdmin April 5, 2024April 6, 2024

    मतदान करें ( Matdan Karen ) ( 2 ) कोई नफरत की हवा न दो, चलो मतदान करें, पुरानी राख न कुरेदो, चलो मतदान करें। नया ख्वाब, नया भारत, नया मौसम है आया, गूँज रहे हैं फिजाओं में नारे,चलो मतदान करें। बदले की आग जला न दे तेरे मन का नक्शा, खता, वफ़ा, अदावत छोड़,चलो…

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  • Naino ke Tare Aaja
    गीत

    नयनों के तारे आजा | Naino ke Tare Aaja

    ByAdmin April 5, 2024

    नयनों के तारे आजा ( Naino ke Tare Aaja )   नयनो के तारे आजा, बुढ़ापे के सहारे आजा। दूध का कर्ज चुकाने, बेटे फर्ज निभाने आजा। नयनो के तारे आजा खूब पढ़ाया तुमको, लाड लडाया तुमको। अंगुली पकड़कर, चलना सिखाया तुमको। तुतलाती बोली प्यारी, शीश झुकाने आजा। ताक रही आंखें रस्ता, झलक दिखाने आजा।…

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  • Kavita Bhagwan Sirf
    कविताएँ

    भगवान सिर्फ लकीरें देता है | Kavita Bhagwan Sirf

    ByAdmin April 5, 2024April 5, 2024

    भगवान सिर्फ लकीरें देता है ( Bhagwan sirf lakeeren deta hai )   भगवान सिर्फ लकीरें देता है, रंग हमें भरने होते हैं। इस धरती पर हर इंसा को, शुभ कर्म करने होते हैं। कदम कदम पे तूफानों से, संघर्षों से लड़ना होता है। अपनी मेहनत के दम पर, कीर्तिमान गढ़ना होता है। रंग बदलती…

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  • Poem Ehsaas Tera Pyar
    कविताएँ

    एहसास तेरा प्यारा | Poem Ehsaas Tera Pyar

    ByAdmin April 5, 2024

    एहसास तेरा प्यारा ( Ehsaas Tera Pyar )   जाने क्यों दिल को लगता, एहसास तेरा प्यारा। बज उठते तार दिल के, बोले मन का इकतारा। क्यों ख्वाबों में चेहरा ये, मुस्कानों के मोती सा। नैनों में झलक आता, विश्वास दिव्य ज्योति सा। सुर संगीत की तुम मधुर, दिव्य धारा लगती हो। छेड़े वीणा के…

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  • Ghazal Ye Dukhdai Hai
    ग़ज़ल

    ये दुखदाई है | Ghazal Ye Dukhdai Hai

    ByAdmin April 5, 2024

    ये दुखदाई है ( Ye Dukhdai Hai )   आसमां छूती मेरे मुल्क़ में मँहगाई है मुफ़लिसों के लिए अब दौर ये दुखदाई है सींचते ख़ून पसीने से वो खेती अपनी उन किसानों के भले पाँव में बेवाई है साँस लेना हुआ दुश्वार तेरी दुनिया में अब तो पैसों में यहाँ बिक रही पुरवाई है…

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  • त्राहिमाम
    कविताएँ

    त्राहिमाम | Kavita Trahimam

    ByAdmin April 5, 2024

    त्राहिमाम ( Trahimam )   प्रकृति विकृति समाया चलो इसे उबारें उमस गहन छाया चलो आंधियां लाएं सन्नाटा सघन पसरा चलो चुप्पिया॔ तोड़ें चित्कारें चरम छूती चलो चैतन्य पुकारें प्रचंड प्रलय आया चलो गीत-मीत गाएं बेसुध कराहे बसुधा चले पीयूष पिलायें मानव बना दुर्वासा चलो मनुज बनाएं स्याह सबेरा दिखता चलो सोनल चमकायें मन असुरी…

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  • Kavita Anu se Sampurn
    कविताएँ

    अणु से संपूर्ण | Kavita Anu se Sampurn

    ByAdmin April 5, 2024

    अणु से संपूर्ण ( Anu se Sampurn )   तू बूंद से कर प्रयाण सागर का सागर भी मिल जाता महासागर में हो मुक्त आवागमन के बंधन चक्र से ब्यर्थ है मोह इस झूठे संसार से अणु कण से हि बना यह रूप मनोहर तब अणु श्रोत की छवि होगी कैसी मिल जाना ही है…

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  • Kavita Khali
    कविताएँ

    खाली | Kavita Khali

    ByAdmin April 5, 2024

    खाली ( Khali )   गगन को छु रही आज की इमारतें, मगर…इंसान हुआ ज़मीन-बोश है, इन इमारतों में ढूंढता वजूद अपना, वो क्या जाने सब कर्मों का दोष है, ईंट पत्थरों पर इतराता यह इंसान, है कुदरत के इंसाफ से ये अनजान, जब पड़ती उसकी बे-आवाज़ मार, पछताता रह जाता फिर ये नादान, जब…

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  • Kavita Sanatan Dharm Hamara
    कविताएँ

    सनातन धर्म हमारा | Kavita Sanatan Dharm Hamara

    ByAdmin April 5, 2024

    सनातन धर्म हमारा ( Sanatan Dharm Hamara )   चिन्मयी पुंज,सनातन धर्म हमारा ********* सृष्टि संग अवतरण बिंब, अनंत अनुपमा आह्लाद । मानवता श्री वंदन सेतु, आनंदिता परम प्रसाद । वेद आभा अंतर्निहित, अविरल ओजस्विता धारा । चिन्मयी पुंज,सनातन धर्म हमारा ।। नैतिकता दिव्य रंग रुप, अपार आस्था सत्कार । धर्म कर्म पुनीत रश्मियां, जीवन…

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  • बेचना है तो नभ को बेच धरा को रहने दे | Kavita Bechna Hai to
    कविताएँ

    बेचना है तो नभ को बेच धरा को रहने दे | Kavita Bechna Hai to

    ByAdmin April 5, 2024

    बेचना है तो नभ को बेच धरा को रहने दे   बेचना है तो नभ को बेच धरा को रहने दे नदी को रहने दे और किनारा को रहने दे मछुआरे मछलियांँ पकड़ कर जी लेते हैं रूखी – सूखी रोटियांँ सहारा को रहने दे सड़क पर दौड़ लेती है तेरी नयी गाड़ियांँ एक मेरी…

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