छूना है आसमां को

छूना है आसमां को  जमीन पर पैर रखकर ।  जाना है बुलंदियों पे,  नीव जमी से बना कर ।  उड़ना है आसमां में, जुनून के पंख और  जज्बे की उड़ान...

प्रकृति से खिलवाड़ मत करो…………||

प्रकृति से खिलवाड़ मत करो............|| १) प्रकृति से खिलवाड़ मत करो, कुछ सोचो अत्याचार न करो प्रकृति है तो हमारा जीवन है, वरना कुछ भी नहीं...

मेरी इच्छा

मेरी इच्छा काश हवा में हम भी उड़ते तितलियों से बातें करते नील गगन की सैर करते