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व्यंग्य

दुख भरे दिन बीते रे भैया

पुराणों के अनुसार छिपकली को लक्ष्मी का रूप माना गया है। कल लेटे हुए मैं अपनी निकृष्ट जिंदगी पर विचार कर रहा था। अभी...

Vyang | चले नेताजी

व्यंग्य - चले नेताजी ( Vyang - Chale Netaji ) चले  हैं नेताजी समाज सेवा करने हरने  जनता--जनार्दन  की  पीड़ा, पाँव  उखड़  उस  गरीब का जाये जहाँ खड़ा हो...

बंदर मामा

बंदर मामा ***** बंदर मामा बंदर मामा, कब तक पहनोगे पैजामा? बचपन से पढ़ते आए हैं, रट रट किस्से सुनाए है। अब तुम भी बदलो अपना जामा, बंदर मामा बंदर मामा। जिंस...

कोविड अस्पतालों की सच्चाई !

कोविड अस्पतालों की सच्चाई ! ******* डेडिकेटेड कोविड अस्पताल! का कुछ ऐसा है हाल? न बेड है, न डाॅक्टर रहे देख हैं! कहीं पीपीई किट नहीं, तो कहीं जरूरी उपकरण ही...

गुडडू के नाम पत्र

गुडडू के नाम पत्र मेरा और तुम्हारा साथ करीब 2 वर्ष पुराना है। मुझे याद है जब तुम पहली रात को मुझे मिली थी। तुम...

हम शराब तो नहीं पीते

हम शराब तो नहीं पीते   🙏 हम शराब तो नहीं पीते लेकिन इतना पता है कि ये गिलास🍷भी प्रकृत की तरह जाती धर्म में भेद...

व्यंग्यात्मक लघुकथा Hindi Short Stories -जंगल में चुनाव

जंगल में चुनाव ( व्यंग्यात्मक लघुकथा ) ( Jangal Mein Chunav )   शहर की भीड़-भाड़ से दूर जंगल में एक शेर रहता था।जिसका नाम शेर ख़ान था।अब...

छपरा में का बा ? (भोजपुरी व्यंग्य गीत)

छपरा में का # बा# ? (भोजपुरी व्यंग्य गीत) ****** तीन तीन गो बावे नदिया- बावे तीन तीन गो कारखाना! फिर भी भैय्या लड़िकन के नइखे- कवनो रोजगार के...

Vyang | इस भीड़ की सच्चाई ( व्यंग्य )

इस भीड़ की सच्चाई ( व्यंग्य ) ( Is bheed ki sachai : Vyang )   ये कोरोना फैला नहीं रहे हैं भगा रहे हैं, देश को गंभीर बीमारी...

Hindi Kavita By Binod Begana -कैसे-कैसे लोग

कैसे-कैसे लोग ( Kaise-Kaise Log )     अक्ल के कितने अंधे लोग। करते क्या-क्या धंधे लोग।   मासूमों के खून से खेले, काम भी करते गंदे लोग।   रौब जमा के अबलाओं पर, बनते...