Category: शेरो-शायरी
Poem Nazron ke Paimano | पी नज़रों के पैमानों में
पी नज़रों के पैमानों में ( Pee Nazron Ke Paimano Mein ) पी नज़रों के पैमानों में। क्यूं सुख ढूंढे मयखानों में।। जब दिल में ग़म गुलशन फीका। रौनक लगती वीरानों में।। बात चमन के फूलों में जो। बात कहां वो गुलदानों में।। जो शान तेरी महफिल में है।…
Nazm Woh Goonj | वो गूंज
वो गूंज ( Woh Goonj ) वो गूंज वो सदा जो उठती है मुझसे पहुँचती है तुम तलक छूकर कभी नाद करती है कभी नहीं भी बिखर जाती है बीच खला में खाली सी तरंगे हवा की आजाती है फिर भरने को शंख ह्रदय का बस इक वही बरसों का…
वो याद आ रहा ए यार ख़ूब है | Ghazal wo Yaad aa Raha
वो याद आ रहा ए यार ख़ूब है ( Wo Yaad Aa Raha E Yar Khoob Hai ) वो याद आ रहा ए यार ख़ूब है जो दूर हो गया आज़म महबूब है वो आज ग़ैर मुझको ही बना गया दी प्यार में वफ़ायें जिसको ख़ूब है गुल रोज़ भेजता था…
सँजोना हमेशा खुशी के पलों को | Ghazal Sanjona Hamesha
सँजोना हमेशा खुशी के पलों को ( Sanjona Hamesha Khushi Ke Palon Ko ) मिटा के दिलों से सभी नफ़रतों को।। सँजोना हमेशा खुशी के पलों को।। बहुत हसरतों का है जिस दिल में डेरा।। कभी ढूंढ पाया नहीं मंजिलों को।। पड़े फीके जब भी कभी ग़र इरादे। बिखरते है देखा…
Ghazal | सर उठाना तो सदा बेबसी से बेहतर है
सर उठाना तो सदा बेबसी से बेहतर है ( Sar Uthana To Sada Bebasi Se Behtar Hai ) सर उठाना तो सदा बेबसी से बेहतर है सर-कशी कैसी भी हो ख़ुद-कुशी से बेहतर है हुस्न सजने से , संवरने से दबा जाता है क्या कोई रंग तेरी सादगी से बेहतर है उसकी…
Ghazal Mushkil tha Daur | मुश्किल था दौर और सहारे भी चंद थे
मुश्किल था दौर और सहारे भी चंद थे ( Mushkil Tha Daur Aur Sahare Bhi Chand The ) मुश्किल था दौर और सहारे भी चंद थे मैं फिर भी जीता क्यूं कि इरादे बुलंद थे राहें निकाली मैंने वहां से कई नयीं देखा जहां पहुंच के सब रस्ते बंद थे समझा तमाम…
ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का | Khayal Shayari
ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का ( Khayal Hun Main Tere Khawb Ka ) ख्याल हूँ मैं, तेरे ख्वाब का तसव्वुर से निकली तो हकीकत में उलझ न जाऊँ कहीं अशआ’र तेरे, गज़ल हूँ मैं ज़हन से निकली तो पन्नों पर बिखर न जाउँ कहीं नज़र तेरी, मंजर सुहाना हूँ मैं बसारत…
Romantic Shayari | पास मेरे आ हमजोली
पास मेरे आ हमजोली ( Paas Mere Aa Hamjoli ) पास मेरे आ हमजोली खेलें उल्फ़त की होली ! उल्फ़त को दिल में रख लो मारो नफ़रत को गोली इस जग में सबसे बढ़कर सूरत लगती वो भोली ज़हर न घोलो होली में बोलो मीठी अब बोली प्यार भरी …
Ghazal Teer -E- Nazer | जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर
जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर ( Jab Hua Teer -E- Nazer Ka Vaar Dil Par ) जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर। चोट हमको है लगी दमदार दिल पर।। दर्द में भी आने लगता है मजा तब। वो असर कर देता है ये प्यार दिल पर।। उठ गया अपना भरोसा प्यार…
Ghazal Suna Hai | सुना है
सुना है ( Suna Hai ) कभी कभी खंडहर भी बोल उठते हैं वीराने भी खुद ब खुद सज जाते हैं झींगुरों की ताल पर बेताल भी नाच उठतें हैं सहरा में भी आब’शार मिल जाते हैं कभी तो मुर्दा जिस्मों में बसती रूह भी कराह उठेगी सोई ज़मीर…