Holi Aayi re Bhola Bhandari

होळी आई रे भोळा भंडारी | Holi Aayi re Bhola Bhandari

होळी आई रे भोळा भंडारी

( Holi Aayi re Bhola Bhandari )

राजस्थानी धमाल

 

होळी आई रे भोळा भंडारी, भस्म रमा।
होळी आई रे

भांग घोटकर पीगो शंकर, आक धतूरा खागो।
नाग लपेटयां नंद द्वार प, नीलकंठ जद आगो।
कृष्ण कन्हैयो मदन मुरारी, मुरली मधुर बजाई रे।
होळी आई रे

भूत प्रेत पिशाच को डेरो, तांडव कर रहयो भोळो मेरो।
गंगाधारा जटा सूं बहरी, मेट सी फंदो बाबो कष्ट घणेरो।
बम लहरी महादेव मतवाळो, डम डमरू तान लगाई रे।
होळी आई रे

हर हर महादेव शिवशंकर, औघड़ दानी भंडार भरै।
एक लोटा जल काशीनाथ न, सबका बेड़ा पार करै।
बदल जाय किस्मत की रेखा, शिव किरपा बरसाई रे।
होळी आई रे

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :

आदमी को आदमी का साथ देना चाहिए | Aadmi ko Aadmi ka Sath

Similar Posts

  • बदलाव की लहर | Badlav ki Lahar

    बदलाव की लहर ( Badlav ki lahar )   नया जमाना नई सभ्यता नई भोर नई लाली है। बदलावों की लहर है, यहां हर बात निराली है। यहां हर बात निराली है बदल गया सब रंग ढंग, फैशन बदला सारा। बदल गई है रीत पुरानी, बदली जीवनधारा। अपनों में बेगाने होकर, चाल चले मतवाली। टूट…

  • काश कभी तुम आ जाते | Kaash Kabhi Tum

    काश कभी तुम आ जाते ( Kaash kabhi tum aa jate )    काश कभी तुम आ जाते, आके यूं मुस्का जाते। नखरे जरा दिखला जाते, हंस कर लूं बतला जाते। काश कभी तुम आ जाते मन को भाती अदाएं, खिल जाती सारी फिजाएं। दिल का कोना कोना हर्षित, आहट तेरी आ जाए। चांद सा…

  • श्रमिक दिवस गीत

    श्रमिक दिवस गीत तुम वर्तमान के पृष्ठों पर ,पढ़ लो जीवन का समाचार ।क्या पता कौन से द्वारे से ,आ जाये घर में अंधकार।। आशा की किरणें लौट गयीं ,बैठी हैं रूठी इच्छायेंप्रात: से आकर पसर गईं ,आँगन में कितनी संध्यायेंइन हानि लाभ की ऋतुओं में, तुम रहो सदा ही होशियार ।।तुम वर्तमान—– चल पड़ो…

  • दरस दिखाओ मेरे कान्हा

    दरस दिखाओ मेरे कान्हा दरस दिखाओ मेरे कान्हा, छेड़ो तुम मुरली की तान।हिया बावरा तुमको चाहे, जागे कितने हैं अरमान।। तेरी जोगन तुझसे पूछे,तेरा उर है क्यों पाषाण?पथ में कंटक और अंधेरा, लगता राह नहीं आसान।।द्वार निहारूं कब आओगे, सुनो सांवरे दे दो भानदरस दिखाओ मेरे कान्हा, छेड़ो अब मुरली की तान।। भोर मनोरम साँझ…

  • नटखट कान्हा | Geet Natkhat Kanha

    नटखट कान्हा हाथों में बांसुरी लिए एक ग्वाला होगा ( Natkhat Kanha hathon mein bansuri liye ek gwala hoga )    अधर मुरलिया मोहनी मूरत सांवरी सूरत वाला होगा। नटखट कान्हा हाथों में बांसुरी लिए एक ग्वाला होगा।   चक्र सुदर्शनधारी माधव सखा सुदामा है घनश्याम। नंगे पांव प्रभु दौड़े आते दीनबंधु मीरा के श्री…

  • जब जरूरत पड़े तो तस्वीरें देखिए

    जब जरूरत पड़े तो तस्वीरें देखिए   जब जरूरत पड़े तो तस्वीर देखिए मेरी आँखों में उमड़ा भी नीर देखिए पास हैं दो दूरी आप बनाएं हैं अभी देख सकें तो मेरी तकदीर देखिए आइने में तो हम आपके मिल जाएंगे अश्कों की मेरी लकीर लकीर देखिए हम भंवर में पड़े तो हम छूट जाएंगे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *