Kavita Murad

मुराद | Kavita Murad

मुराद

( Murad )

 

एक तू ही नही खुदा के आशियाने मे
कैद हैं और भी कई इसी अफसाने मे
दर्द से हुआ है फरिग् कौन इस जमाने मे
खोज ले जाकर भले अपने या बेगाने मे

मन माफिक मुराद सभी को हासिल नही
कैसे मान लिया कि तेरे लिए कोई मंजिल नही
बेशक्, बदल जाता है रूप फल के प्रतिसाद का
पर मिलता जरूर है फल कर्म के प्रसाद का

खुद को हि बना ले तू खुद का खुदा अपना
खुदा भी सुन हि लेगा हर हाल में तेरी सदा
तू भी तो है एक शिल्पकार ही अपने जीवन का
निकल उस भरम से, छोड़ उम्मीद उस दामन का

कर फैसला, बढा हौसला, देख निकलकर
और भी कई जूझ रहे तन्हा तुझसे बढ़कर
मौत की फ़रमाइश का रुख तेरा कायराना है
और भी है कोई तेरा, और ए जमाना है

हारनी थी हिम्मत तो कदम से पहले हि सोचते
संभल गये हैं यहाँ कई ,और भी गिरते गिरते
सफ़र मे किसीका साथ पुख़्ता हो यही जरूरी नहीं
तन्हा राही भी कर लिए हैं फतह मंजिल कई

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

सब संसार में | Kavita Sab Sansar Main

Similar Posts

  • दीपोत्सव | Deepotsav

    दीपोत्सव ( Deepotsav )    कातिक मास अमावस रैन बिना घर कंत जले कस बाती। खेतन में पसरी बजरी डगरी बहु चोर फिरें दिन राती। गावत गान पिटावट धान कटी उरदी कृषिका पुलकाती। घात किए प्रिय कंत बसे परदेश न भेजत एकहुँ पाती।। चंचल चित्त चलै चहुँ ओर गई बरखा अब शीत समानी। छाछ दही…

  • तटरक्षक बल | Tatrakshak Bal par Kavita

    तटरक्षक बल ( Tatrakshak bal )    समुद्री सेवा प्रदान करता है तटरक्षक, डूबते की जान बचाता है तटरक्षक। तटरक्षक बल है सशस्त्र बल के ही जैसा, समुद्री कानून की रक्षा करता है तटरक्षक।   करता है नौसेना का वो महानिदेशक नेतृत्व, तालमेल से अपना फर्ज निभाता है तटरक्षक। तटरक्षक जहाज होता है नौ सेना…

  • अब तक भी आस अधूरी है | Geet ab tak bhi aas adhoori hai

    अब तक भी आस अधूरी है ( Ab tak bhi aas adhoori hai )   खूब कमाया धन दौलत मंशा क्या हो गई पूरी है मातपिता नैन तरसे अब तक भी आस अधूरी है दूर देश को चले गए धन के पीछे दौड़ लगाने को भूल गए लाड़ दुलार किस्मत को आजमाने को   बीवी…

  • माँ का कर्ज चुकाना है | Desh Bhakti Kavita

    माँ का कर्ज चुकाना है ( Maa ka karz chukana hai )   सभी भारतीय आज एक हो जाना, उग्रवाद हम को जड़ से ही मिटाना। इन दुश्मनों को अब धूल है चटाना, माँ वसुंधरा का कर्ज हमें है चुकाना।। देश के वीरों ने अपने प्राण गवाएँ है, आंधी तूफ़ान बारिश को भी सहे है।…

  • सफलता हेतु हंसना जरूरी है | Prerna poem in Hindi

    सफलता हेतु हंसना जरूरी है ( Safalta hetu hasna zaroori hai ) कठिन परिश्रम से तू ना मुंह मोड़, हंसना भी न छोड़ तू बंदे, हंसना भी ना छोड़। मेहनत करो जी तोड़,बंद राहों को खोल, नफा नुकसान न तोल। टेढ़े-मेढ़े रास्तों को छोड- सीधी सच्ची राह तू पकड़, छोड़ दें अपनी सारी तू अकड़;…

  • हनुमान जयन्ती

    हनुमान जयन्ती शांति,गीत,श्रद्धा,समर्पणआदि गरिमामय जीवनऔर व्यक्तित्व सेधर्म का सुंदर समन्वयज्ञान सागर लहराने वालेआनंद के लोक में ले जाने वालेक़लम के कृति रत्न समुद्दभूतहनुमान जी को मेरा भावोंसे वंदन -अभिनंदन !शत- शत नमन ! प्रणाम !जो ज्ञाता है वहस्वयं अज्ञात है ।अज्ञात को ज्ञात करनेका प्रयत्न होना चाहिएविभिन्न माध्यमों के द्वाराक्योंकि आत्मा को भी अपनासही से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *