Poem Kali Julfe

काली जुल्फे | Poem Kali Julfe

काली जुल्फे

( Kali julfe ) 

 

काली जुल्फे काली लटाएं
उमड़ आ रही हो घटाएं
काले केश मेघ से छाये
बादलों में चांद छुप जाए

गोरा बदन गाल गुलाबी
काली जुल्फे लगे शराबी
मदहोशी देख छा जाए
गौर वर्ण जादू कर जाए

नैना ज्यो लगे तीर कटार
जुल्फें करे फिर भी वार
दीवाने डूब रहे मंझधार
घटाएं बरस रही रसधार

कारे कजरारे केश दमके
काली घटाएं बलखाती
इन जुल्फों के आगोश में
खुशियों की बारिश आती

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

परेशानी | Pareshani par Kavita

Similar Posts

  • पर्यावरण बचाना है

    पर्यावरण बचाना है पर्यावरण बचाना है तो , पीपल, बरगद, नींम लगाएं ! तपती धरती को अपने हम, आवर्षण से मुक्ति दिलाएं !! जाड़ा, गर्मी, बरसात और ऋतु चक्र सही हो जाएगा ! रोग दोष से मुक्ति मिलेगा, घर खुशियों से भर जाएगा !! पर्यावरण संतुलित होगा, धरती हरी भरी होगी ! लहराएंगी फसलें चहुंदिश,…

  • मेरे मन का शोर | Mere mann ka shor | Kavita

    मेरे मन का शोर ( Mere mann ka shor )   विचारों की उथल-पुथल उमड़ा मेरे मन का शोर कल्पनाओं ने उड़ान भरी आया भावों का दौर   भावो का ज्वार हिलोरे ले रहा हलचल मची मन में उमंगे उठ रही नित नई साहस भर रहा नस-नस में   प्रचंड भाव प्रवाह मन का तूफान…

  • ‘वाचाल’ की हरियाणवी कुंड़लियाँ

    ‘वाचाल’ की हरियाणवी कुंड़लियाँ तड़कै म्हारे खेत में, घुस बेठ्या इक साँड़।मक्का अर खरबूज की, फसल बणा दी राँड़।।फसल बणा दी राँड़, साँड़ नै कौण भगावै।खुरी खोद कै डुस्ट, भाज मारण नै आवै।।फुफकारै बेढ़ाल़ भगावणिये पै भड़कै,घुस्या मरखणा साँड़ खेत में तड़कै-तड़कै।। बहुअड़ बोल्ली जेठ तै, लम्बा घूंघट काढ़।दीदे क्यूँ मटकावता, मुँह में दाँत न…

  • समाज संगठन

    समाज संगठन समाज संगठन का महत्व बहुत अधिक है,यह हमारे समाज को मजबूत बनाता है।यह हमें एकजुट करता है,और हमारे समाज को आगे बढ़ाता है।यह हमारे समाज को संगठित करता है। समाज संगठन के बिना हमारा समाज कमजोर होगा,यह हमारे समाज को विभाजित करेगा।यह हमारे समाज को पीछे ले जाएगा,और हमारे समाज को कमजोर बनाएगा।यह…

  • शिव | Shiv ji par kavita

    शिव ( Shiv )   जो आरम्भ है, अनादि है, सर्वश्रेष्ठ है, जो काल, कराल, प्रचंड है, जिनका स्वरूप अद्वितीय है, जिनका नाम ही सर्वस्व है, शिव है, सदा शिव है। मस्तक में जो चाँद सजाये, भस्म में जो रूप रमाये, गंगप्रवाह जो जटा मे धराये, मंथन को जो कण्ठ में बसाये, शिव है, सदा…

  • छठ पूजा महापर्व

    छठ पूजा महापर्व आया पर्वो का पर्व महापर्व,छठी मैया की पूजा का पर्व।दशहरा दिवाली के बाद ,छठी पूजा है हमारा गर्व।। लोकगीतों से शुरू होता है,परंपराओं से जुड़ा हुआ है।है त्यौहार यह अलौकिक,मान्यताओं से घिरा हुआ है।। बड़ा अनोखा है इसका इतिहास,छठी पर्व की जिन्होंने किया शुरुआत।मंगल कार्य है यह पूजा,विशेष महत्व है इसे प्राप्त।।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *