सीमा | Seema par Chhand

सीमा

( Seema ) 

मनहरण घनाक्षरी

 

सरहद पे जवान, चलते सीना तान।
देश का सम्मान वीर, रखते संभाल के।

लड़ते वीर सीमा पे, गोलाबारी गोली से।
दुश्मन को मात देते, तिलक है भाल के।

अटल सेनानी वीर, महा योद्धा रणवीर।
पराक्रम दिखाते वो, तेवर कमाल के।

भारतमाता के लाल, शूरवीर है कमाल।
बुलंद हौसले होते, धरती के लाल के।

 

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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