कविताएँ

  • राम के ही जाप से

    राम के ही जाप से है अवध बलिहारी, पधारे है धनुर्धारी,दूर है अब अयोध्या, वियोग के शाप से, राम हैं पधारे जब, धन्य हुआ जग सब,गूँज उठा जयकारा, नगाड़े के थाप से, मान और नाम मिला, फूल सा जीवन खिला,भाग्य मेरे खुल गए, राम के ही जाप से। कर जोर भजूं राम, पावन तुम्हारा नाम,करना…

  • कागा काव्य किरन | Kaga Kavya Kiran

    मज़दूर दिस एक मई मज़दूर दिवस मोज मस्ती से मनायें,अपना भविष्य मज़दूर दिवस शानो शोक्त से मनाये। करते ख़ून पसीने की कमाई हाढ़ तोड़ ह़लाल,तपती धूप दुपहरी में अपनी अच्छी बस्ती बनायें। सर्दी में ठिठुर अलाव पर हाथ पैर तपाते,तन बदन पर पहने फट्टे चीत्थड़े हस्ती बनायें। धूल भरी चलती आंधियां सरपट लू के थपेड़े,बरसे…

  • सुभाष चंद्र बोस : Poem on Subhash Chandra Bose

    सुभाष चंद्र बोस शायद सदियों में होती हैंपूरी एक तलाश,शायद विश्वासों को होतातब जाकर विश्वास। शायद होते आज वो जिंदाभारत यूं ना होता,शायद दुश्मन फूट-फूट करखून के आँसू रोता। आजादी की भेंट चढ़ गयेहुआ अमर बलिदान,श्रद्धा पूर्वक नमन आपकोहे वीरों की शान। मोल असल इस आजादी कीआपने हीं समझाया,दिया जवाब हर इक ईंटों कापत्थर बन…

  • भारत कहलाता है

    भारत कहलाता है धर्म-जात का भेद भुलाके , नागरिक हाथ मिलाता है, मुस्लिम-हिन्दू-सिख-इसाई का कोई नहीं कहलाता है । सभी जन को सिर्फ भारतवादी कहा जाता है, ऐसा किस्सा जनाब सिर्फ मेरे भारत में देखा जाता है। जहां अत्यंत हुबियाली से गणतंत्रता-स्वतंत्रता को मनाया जाता है, 21 तोपों की सलामी देकर भारतीय तिरंगा लहराया जाता…

  • अलौकिक भारत भूमि

    अलौकिक भारत भूमि ज्ञान विज्ञान का पोषक रहा भारत ,ज्योतिषी ज्ञान,जग को वेद दिया ।शुश्रुत ने दी शल्य चिकित्सा वही,चरक,धनवंतरी ने आयुर्वेद दिया।। वराहमिहिर,ब्रह्मगुप्त,बौधयान और,कणाद,भास्कराचार्य विज्ञ यही हुए।जहाँ आर्यभट्ट ने जग को शून्य दिया,तो योग पतंजलि से लोग नीरोग हुए।। विदुषी, मनीषियों से भरा देश मेरा,कला साहित्य में सदा समृद्ध रहा।कालिदास,कबीरा ,तुलसी,जायसी ,सूर,मीरा,रत्नाकर कर वद्ध…

  • लता सेन की कविताएं | Lata Sen Hindi Poetry

    हरियाली प्रकृति का श्रृंगार प्रकृति का श्रृंगार हरियालीजीवन का आधार हरियाली देखो धरती की बदली है कायाप्रकृति ने ओढ़ी हरि चुनरियानजारों ने आंखों को लुभायामहक उठे फुल चारों ओर छाई हरियाली ।प्रकृति का श्रृंगार हरियालीजीवन का आधार हरियाली ……. देख इस सब हैं हर्षातेमन ही मन है मुस्कातेनहीं करती यह भेदभावसबको करती उल्लासित हरियाली।प्रकृति का…

  • मां की आँखों के हम भी तारे हैं

    मां की आँखों के हम भी तारे हैं मां की आँखों के हम भी तारे हैंमेरे जैसे ज़मीं पे सारे हैं। इक नदी सी है ज़िन्दगी यारोसुख के मिलतें नहीं किनारे हैं देखता आजकल जिधर मुड़करहर तरफ़ ग़म के आज मारे हैं हम ख़ुशी की तलाश में अब तकग़म के मारे थे ग़म के मारे…

  • 76 वां गणतंत्र दिवस

    76 वां गणतंत्र दिवस गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनायें –गणतंत्र दिवस के पर्व पर हम प्रभु में रत हों जायें ।समय के चक्र को समझ सत्संगत में रम जायें ।नैतिक जीवन को जीकर समता रस को पी लें ।मानव का तारणहारा धर्म का जीवन जी लें ।धर्म के सोपान से अपने जीवन का बाग…

  • राष्ट्रीय युवा दिवस : स्वामी विवेकानंद जयंती

    राष्ट्रीय युवा दिवस: स्वामी विवेकानंद जयंती धन्य भूमि भारत में जन्मे,एक सरल ह्रदय सन्यासी।मानवता का पाठ पढ़ाकर,सोच बदल दी दुनिया की।। वह नरेंद्र से बन गए संन्यासी,छोड़ी एक छाप युवा मन पे।माया, मोह, विनोद छोड़कर,बल्कल वस्त्र धारण तन पे।। राम कृष्ण को गुरु बनाकर ,ब्रह्म से साक्षात्कार किया।पचीस वर्ष में योगी बनकर ,प्रण राष्ट्र चेतना…

  • वीरों की कहानी , भारत माँ कि जुबानी

    वीरों की कहानी , भारत माँ कि जुबानी खून टपकती बून्दो को तुम गिन्ती उन बून्दो की छोड़ो ,याद करो शहीदों को और भारत माँ की जय बोलो।। सूरज की किरणों में बसी एक कहानी,शहीदों का बलिदान सुनो आज भारत माँ की जुबानी।। गांधी जी की अहिंसा से जगे जन-गण-मन,लड़े बड़े जोश से हर दिल…