Category: विवेचना
मैनेजमेंट गुरु- मां | Management Guru Maa
वर्तमान समय में मैनेजमेंट के गुण सीखाने के लिए बड़े-बड़े इंस्टिट्यूट बन गए हैं । परंतु सबसे बड़ी इंस्टीट्यूट तो घर की मां है। जिससे यदि हम मैनेजमेंट के गुण को सीख सके तो जीवन सफल हो सकता है। आधुनिक माताएं जहां कारपोरेट जगत में सफलता के परचम लहरा रही हैं वहीं परिवार का मैनेजमेंट…
क्या भारत यूरोप का गोदाम था
क्या भारत यूरोप का गोदाम था भावार्थ लेखक – कुमार अहमदाबादी रुबाई का भावार्थ समझने से पहले कवि अकबर इलाहाबादी के जीवनकाल के बारे में थोडी सी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। अकबर इलाहाबादी का जन्म १६ नवंबर १८४६ के दिन हुआ था। अवसान १५ फरवरी १९२१ के दिन हुआ था।बालपन में उन्हों ने मुगल…
गुप्त साधनाओं एवम् अपने ईष्ट की प्रसन्नता के लिए गुप्त नवरात्रि है विशेष
नवरात्रि का यदि हम स्मरण करते हैं तो विशेष रूप से नवदुर्गा में दुर्गा पूजा का भाव आता है वैसे हम वर्ष में दो बार दुर्गा पूजा आध्यात्मिक उपासना के साथ धूमधाम से पूजन अर्चन करते हैं लेकिन इसके अतिरिक्त भी साल में दो नवरात्रि आते हैं जिन्हें गुप्त नवरात्रि के नाम से हम सभी…
जुदाई के ज़ख्म | Judai ke Zakhm
सन् 1971 की हिंद पाक लड़ाई के दौरान बेघर होकर आये पाक विस्थापित लोगों में एक मात्र मैं एक शख़्स़ हूं जो छठ्ठी बार परिवार के लोग सातवीं बार जन्म भूमि की यात्रा कर चुके है प्रथम बार क्रमश: 1980 1999 2ं005 2006 2015 2018 एंव 2024 में वैधानिक रुप से पासपोर्ट वीज़ा से होकर…
जुदाई एक नासूर | Judai ek Nasoor
बर स़ग़ीर मुल्क भारत के लिये सन् 1946 का विभाजन भारत पाकिस्तान एक अभिशाप के रूप में स़ाबित हुआ भारत से मुस्लिम समुदाय ओर पाकिस्तान से हींदू वर्ग परस्पर पलायन किया जिसका भेंयकर आज तक कोढ़ में खाज बना हुआ है । उसके बाद सनऋ 1965 1971 की भारत पाक की जंग सीमिवर्ती क्षेत्रों में…
पीड़ित मानवता के सच्चे सपूत : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी
मानव पीड़ा को जिसने भी अपनी पीड़ा समझ उसके दुखों को कम करने का प्रयास किया उनमें डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रमुख थें । वास्तव में दूसरों के दुःखों को कम करना ही मानव धर्म है । संसार में अपने स्वार्थ के लिए तो सभी जीते हैं परंतु कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनका…
हर समस्या का समाधान है योग
21 जून को हम धरतीवासी योग को योग दिवस के रूप में मनाते हैं। भौगोलिक दृष्टिकोण से 21 जून, उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे बड़ा दिन होता है। बड़ी अच्छी बात यह है कि योग की उत्पत्ति हमारे भारत से हुई है। हजारों सालों से योग साधना हमारे मानसिक तथा रोजमर्रा के जीवन में व्यवहरित होती…
रोगों से मुक्ति मिलती है हास्य योग से
आज का मनुष्य जीवन में बड़ा हताश निराश दिखाई पड़ता है। बचपन की उन्मुक्त हंसी जैसे उसकी जिंदगी से खो सी गई है। यही कारण है कि वह विभिन्न बीमारियों की चपेट में आता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए योग में एक हास्य योग का प्रचार प्रसार बहुत तेजी से फैल…
जब जब सुरसा बदन बढ़ावा | आलेख
सुरसा बाधा का प्रतीक है। जीवन में हम जब श्रेष्ठ कार्य करने चलते हैं तो अनेकानेक लोग बाधाएं उत्पन्न किया करते हैं । अब हमें चाहिए कि हनुमान जी की तरह उन बाधाओं को खत्म करके अपने लक्ष्य की तरफ कदम आगे बढ़ाएं । जीवन में आने वाले ऐसी बाधाओं से बिना घबराए उन बाधाओं…
महर्षि वाल्मीकि और बाल्मिकी समाज
आश्रम का पूरा वाल्मीकि समाज राम कथा का गायन करता था। यह समाज राम कथा गा-गाकर राममय हो गया था। दूर-दूर से श्रोतागण इस संगीत की धारा का रसास्वादन करने के लिए पहुंचते थे। एक ऐसा वाल्मीकि समाज आकार ग्रहण कर रहा था जिसमें चारों वर्णों की योग्यता समाहित थी। वाल्मीकि समाज और राम कथा…