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मासिक आर्काइव: फ़रवरी 2022

लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ | Ghazal nafrat

लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ ( Logon mein hi khoob nafrat hai yahan )     लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ कब दिलों में...

युद्ध | Kavita youdh

युद्ध ( Youdh )   देशों की लड़ाई भीषण चाहे युद्ध महाभारत होता समर भयंकर दुखदाई अनिष्ट अशुभ आर्त होता   हाहाकार मच जाता है मारकाट होती भारी नरसंहार निरंतर होता...

चंद्रशेखर आजाद | Kavita Chandrashekhar Azad

चंद्रशेखर आजाद ( Chandrashekhar Azad ) आजादी का दीवाना चंद्र उसने सौगंध खाई थी अंग्रेजी हुकूमत की जिसने सारी जड़े हिलाई थी   क्रांति काल में क्रांतिवीर गोला बारूद...

पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन संपन्न

प्रेस नोट "देहरी का दीप भावनाओं के परिपाक का सुमधुर प्रतिफल” देहरी का दीप में प्रेम और विरह की मार्मिक अभिव्यक्ति "पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक...

नियति | Poem niyati

नियति ( Niyati )   नियति ने क्या खेल रचाया हे ईश्वर ये कैसी माया कहर बन कोरोना आया कांपी दुनिया घर बैठाया   नीति नियम तोड़े न जाते कुदरत...

प्रेम | Poem prem

प्रेम ( Prem )   लिख देता हूँ नाम तेरा पर, बाद मे उसे मिटाता हूँ। और फिर तेरे उसी नाम पर,फिर से कलम चलाता हूँ।   एक बार हो...

अलविदा सर्दी | Poem alvida sardi

अलविदा सर्दी (  Alvida sardi )     आ गया मधुमास सुहाना चली मस्त बयार सर्दी को अलविदा कहने लगे सब नर नार   फागुन महीना आ गया खिलने लगी धूप...

याद तेरी जब आती है | Poem yaad

याद तेरी जब आती है ( Yaad teri jab aati hai )   मन  के  जुड़ते  तार  सभी, दूरियां मिट जाती है। मधुर मधुर दुनिया लगती, याद तेरी...

बे हया फ़िर शबाब क्यों उतरे | Ghazal be haya

बे हया फ़िर शबाब क्यों उतरे ( Be haya phir shabab kyon utre )     बे हया फ़िर  शबाब क्यों उतरे शक्ल से ही हिजाब क्यों उतरे   जब जुबां...

ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का | Ghazal khayal hoon main...

ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का ( khayal hoon main tere khwab ka )   ख्याल हूँ मैं, तेरे ख्वाब का तसव्वुर से निकली तो हकीकत में उलझ...