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मासिक आर्काइव: सितम्बर 2022

सीता हरण | Kavita sita haran

सीता हरण ( Sita haran )   पंचवटी में जा राघव ने नंदन कुटी बना डाली ऋषि मुनि साधु-संतों की होने लगी रखवाली सूर्पनखा रावण की बहना वन विहार...

मैं कान हूं | Kavita main kaan hoon

मैं कान हूं ( Main kaan hoon )   मैं कान हूं अपने जिम्मेदारियों से परेशान हूं। गालियां हों या तालियां अच्छा हो या बुरा सबको सुनकर,सहकर हैरान हूं। खैर छोड़िए मैं कान हूं। चश्में का बोझ ढोकर डंडियों से जकड़ा हुआ आंखों...

भरत मिलाप | Kavita bharat milap

भरत मिलाप ( Bharat milap )   कैसी लीला रची काल ने वन को चले गये रघुराई दशरथ राम राम कर हारे जब अंत घड़ी बन आई   भ्रातप्रेम...

दोस्ती में बेवफ़ा है | Ghazal dosti mein bewafa hai

दोस्ती में बेवफ़ा है ( Dosti mein bewafa hai )   कब वफ़ा करता दग़ा है ? दोस्ती में बेवफ़ा है   भूलनी है याद तेरी टूटे दिल की अब सदा...

राम वन गमन | Kavita Ram VAn Gaman

राम वन गमन ( Ram Van Gaman )   चली गई कैकई कोप भवन में बात मंथरा मानी वचन पूरे करो राजन तब बोली कैकयी महारानी भरत राजतिलक हो...

मुहब्बत से मगर देखा नहीं था | Muhabbat poetry

मुहब्बत से मगर देखा नहीं था ( Muhabbat se magar dekha nahin tha )   मुहब्बत से मगर देखा नहीं था उसी ने ही मुझे समझा नहीं था   गिले...

सीता स्वयंवर | Kavita sita swayamvar

सीता स्वयंवर ( Sita swayamvar )   सीता स्वयंवर रचा जनक ने धनुष यज्ञ करवाया। भव्य पावन था अनुष्ठान महारथियों को बुलवाया‌   दूर-दूर के राजा आए अब भाग्य आजमाने...

मैं क्या दूं वतन को | Kavita main kya doon watan...

मैं क्या दूं वतन को ( Main kya doon watan ko )   दुखी हो रही आज भगीरथी कोस रही है जन को। गंदा हुआ तन सारा मेरा...

कुछ शब्द शेर के | Sher ke kuch shabd

कुछ शब्द शेर के ( Kuchh shabd sher ke ) ....... मुसाफिर तंन्हा हूँ मै, साथ चलोगे क्या, तुम मेेरे। है मंजिल दूर, सफर मुश्किल , क्या साथ...

शेर की कविताएं | Kavitayen Sher Ki

शेर की कविताएं ( Sher ki kavitayen )   हाँ दबे पाँव आयी वो दिल में मेरे, दिल पें दस्तक लगा के चली थी गयी। खोल के दिल...