डॉ ऋतु शर्मा ननंन पाँडे की कविताएं | Dr. Ritu Sharma Pandey Poetry
ये साल यह साल भी यूँ ही गुज़र जाने वाला हैचुनौतियों से भराकहीं पर युद्ध, तो कहीं बम बारीआने वाले साल में न जाने क्या होगान जाने ग़मों की अन्धेरी रात होगीया सुखों का सवेरा होगाचलो शुक्र है हमको है यह पहले से नहीं पतामिलेगा वही जो भाग्य में है लिखाकुछ न कुछ तो हर…










