कविताएँ

  • सहज सुंदरता दिकु की

    सहज सुंदरता दिकु की वह मानो जैसे प्रकृति की सुंदरतामेरे हृदय को गहन शांति से भर देती है, उसकी आँखों में बसी अनगिनत भावनाएँसहजता से आकर मुझे भावनाओं से भर देती हैं। माथे पर छोटी सी बिंदी और होंठों पर हल्की मुस्कान उसके,चंचल नदी के प्रवाह को भी थमने पर वोह मजबूर कर देती है।…

  • पूजे जाते हैं | Puje Jate Hain

    पूजे जाते हैं ( Puje Jate Hain ) कहीं भगवान वना पूजे जाते हैं पत्थर।कहीं ठोकर दर ठोकर खाते हैं पत्थर। लिखे थे उसकी किस्मत में शायद पत्थर।तभी लोगों ने मिलकर उसे मारे पत्थर। मिले जो गले आ कर उसने भी नहीं गिला।शिकवा उनसे नहीं हाथ में थे जिनके पत्थर। ख्वाबों में डूबी झील को…

  • अब भी मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ

    अब भी मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ आज पुरानी धुन में तेरी आवाज़ सुनी, जैसे किसी ख्वाब की छांव हो,जो पल तेरे संग बिताए, अब भी दिल के करीब हैं,तुझसे बिछड़ गया हूँ, फिर भी मिलने की उम्मीदें अजीज़ हैं।तेरे बिना अब खुशियों की ओर बढ़ने से डरता हूँ,निश्चित कुछ नहीं, फिर भी मैं तेरा…

  • सत्यमेव जयते | Satyamev Jayate

    सत्यमेव जयते ( Satyamev Jayate ) सत्यमेव जयते ऋषि मुनि सब कहते ।। राम चले सत्य की डगर । मुश्किल में भी नहीं छोड़ा सत्य मगर ।। अपनी राहों में सबको गले लगाया । पाप पुण्य का पाठ सबको पढ़ाया ।। माता-पिता का मान जग में बढ़ाया । सम्मान देकर सबको नाम कमाया।। कर्म से…

  • सनातन की राह चलो

    शुभ दशहरा, शुभ विजयादशमी अधर्म से धर्म की ओर कदम बढ़े।असत्य से सत्य की ओर हम बढ़ें।ईमानदारी का सदैव पाठ पढ़ें ।नित्य नूतन रचना कर्म हम गढ़ें।। आपको एवं सम्पूर्ण सगे संबंधियों को,हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं!खुशियों के इस वातावरण में हम,मिलजुल कर एक दूजे को गले लगाएं! सनातन की राह चलो विजयादशमी शुभ हो!नि:स्वार्थ प्रेम…

  • सत्य राम कहॉं से लाऊँ?

    सत्य राम कहॉं से लाऊँ? दशानन रावण का अहम् हुंकार ,विजय से पराजय जाता है हार,पर यह तो त्रेतायुग की कहानी,कलयुग रावणों का ही है संसार । दुष्कर्म,विवाद,द्वेष,दम्भ,दिखावट,ढूँढती कहाँ हैं राम, कहाँ है केवट?छल-कलह,दगेबाज,कपटी-व्यापार,अन्याय,अत्याचार,अनादर, बनावट। प्रत्येक साल विजयादशमी है आती,नई ऊर्जा जन-जनार्दन में है भरती,नौ दिन आदिशक्ति देवी नवरात्र पर्व,रामलीला प्रदर्शन हर्षोल्लासित करती। प्रशंसा से…

  • दशहरा 2024 | Dussehra

    दशहरा 2024 कब तक जलाओगे मुझे ?युग बीत गयेकितने कल्प गये बीतरखता हूँदशकंठहै मेरे दशशीश..आँखे घूमती सब दिशाओं मेंहाथ रखता मैं बीसो बीस…शब्द जो निकला मुँह सेभिक्षाम दे माई…फीर देखी मैने माँ सीता मेंजगदजननी की प्रीतमर्यादा की निभाई रीतचाहता तो मैं बदल जाताशब्द जाता भूलमन के वचन को बनाता धूल…मैंने बचाया जगदजननी का मानस्वयं से…

  • माँ से ख़ुशी

    माँ से ख़ुशी माँ दुर्गा का साया जीवन में हो lआयी ख़ुशियों की छाया अहो llपग – पग शांति का निवास हो lप्रतिदिन प्रकाश का वास हो llतू अंबे , जग दंबे lतुही दुर्गा , तुही लक्ष्मी ll खेलो – कूदो उल्लास के आँचल में lक्लेश – कष्ट दूर हो छाह के भाव में llओड…

  • रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’ की रचनाएँ

    शायद नींद आ जाए दिया उल्फ़त का जल जाए तो शायद नींद आ जाएकसक दिल की निकल जाए तो शायद नींद आ जाए ज़रा-सा पास आओ तुम यही है क़ल्ब का अरमाँघड़ी भर यह बहल जाए तो शायद नींद आ जाए तुम्हारे दिल में ही हमदम कभी अपनी मुहब्बत काअगर इक खिल कमल जाए तो…

  • श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि

    श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि देखो लोग कलयुग से आजसतयुग पुरुष की विदाई हो गई।जो जीता और मरता थाबस भारत देश के लिए।जिसने पिन और नामक से लेकरहवाई जहाज तक बनाकर दिखाया।ऐसे महान पुरुष श्री रतन कोश्रध्दा सुमन अर्पित करता हूँ।। जीवन का उनका जो लक्ष्य थाउसको उन्होंने सदा पूरा किया।मानवता की ह्रदय पर…